काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित अभिनय को दर्शकों ने सराहा
लखनऊ, उ.प्र. (अथर्व श्रीवास्तव)। स्वतंत्रता संग्राम की चर्चा हो और काकोरी कांड बीच में न आये तो वीरों की गाथा अधूरी रह जायेगी। सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ स्थित ‘रंग महल सभागार‘ में सोमवार की शाम काकोरी ट्रेन एक्शन का जीवंत अभिनय किया गया। गुलशन वेलफेयर सोसाइटी की ओर से संचालित रिदम एकेडमी के कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
मुख्य अतिथि उ.प्र. सरकार के जल जीवन मिशन के विशेष सचिव डा. राजेश कुमार प्रजापति ने सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप जलाकर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होने स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी स्मृतियों के मंचन मात्र से शरीर रोमांच से भर जाता है। ऐसे में कल्पना की जा सकती है कि इसकी वास्तविक स्थिति क्या रही होगी। उन्होने कहा ऐसे आयोजन हमे देशभक्तों और देश पर कुरबान होने वाले असंख्य बलिदानियों के प्रति सम्मान को और बढ़ा देते हैं।
सोसायटी की सचिव डॉ० श्रेया के कुशल निर्देशन में एक शाम शहीदों के नाम “काकोरी ट्रेन एक्शन“ एवं क्रांतिकारियों पर आधारित नृत्य-नाटिका “रंगे आज़ादी“ का मंचन देश की आज़ादी के लिए सर्वस्व न्योछावार करने वाले क्रांतिकारियों पर किया गया, जिसमें कलाकारों ने अपने अभिनय से 1925 में हुए काकोरी कांड की यादों को ताजा कर दिया। मंच पर जब सहारनपुर-लखनऊ पैसेंजर ट्रेन का दृश्य उभरा तो दर्शकों की सांसें थम गईं। साउंड और लाइट के बेहतरीन संयोजन ने रोमांच को और गहरा कर दिया।
राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, राजेंद्रनाथ लाहिड़ी, मन्मथ नाथ गुप्त, शचिंद्रनाथ बख्शी और चंद्रशेखर आजाद के किरदारों में कलाकारों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ० राजेश कुमार प्रजापति, विशेष सचिव, नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, उ०प्र० शासन और बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे तथा कलाकारों में विशाल, मंजीत, रवि शंकर, अंकुर, शिवा, आकाश, शिवानी, शिखा, पलक, नैन्सी व राधिका का अभिनय अत्यन्त सराहनीय रहा। कार्यक्रम के अंत में गुलशन वेलफेयर सोसायटी की सचिव डा. श्रेया ने कहा गीत, संगीत, अभिनय के बगैर दुनियां अधूरी है। इस क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोग ईश्वर और उनके द्वारा की गई अद्भुत कृतियों के करीब रहते हैं।















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