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तैयारियों में जुटी सनातन धर्म संस्था, बस्ती की रामलीला 31 अक्टूबर से



तैयारियों में जुटी सनातन धर्म संस्था, बस्ती की रामलीला 31 अक्टूबर से
Sanatan Dharma Sanstha is busy in preparations, Basti's Ramlila from October 31
बस्ती, 26 सितम्बर (अजीत श्रीवास्तव)। सनातन धर्म संस्था की ओर से विगत वर्षों से आयोजित हो रही रामलीला इस वर्ष 31 अक्टूबर से 09 नवम्बर तक होगी। सक्सेरिया इण्टर काले के मैदान में आयोजित होने वाली रामलीला को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजकों की ओर से शुक्रवार को प्रेस क्लब सभागार में पत्रकारों से वार्ता कर आयोजन से जुड़ी जानकारियां दी और सहयोग मांगा।



आयोजन समिति के सदस्य डा. अश्वनी कुमार सिंह ने कहा धर्म सभी के लिये कल्याणकारी है, धर्म का सिर्फ ज्ञान होना पर्याप्त नही है, इसे अपने जीवन में उतारना महत्वपूर्ण है। भगवान श्रीराम का जीवन चरित्र स्वयं धर्म की व्याख्या है। इस आयोजन में स्कूली बच्चे भाग लेते हैं, अभिभावकों और आम जनमानस का सहयोग रहता है जो आगे चलकर समाज को बदलने का माध्यम बनेगा। मनीष सिंह ने कहा हम लोग निमित्त मात्र हैं, एक बड़े सामाजिक बदलाव की परिकल्पना के साथ निरन्तर आगे बढ़ रहे हैं। 


शैलेष सिंह ने कहा बच्चों का श्रीराम के चरित्र से जुड़ना बहुत बड़े बदलाव का संकेत है। ये बच्चे चलकर ऐसे समाज का निर्माण करेंगे जिसमे चारित्रिक आदर्श दिखाई देगा। यही बच्चे बढ़े होकर रामराज्य की स्थापना करेंगे। अतुल श्रीवास्तव ने कहा वर्तमान परिवेश में बाप बेटे, भाई भाई, पति पत्नी आपस में लड़ रहे हैं। रिश्तों की मर्यादा तार तार हो रही है। ऐसे में रामचरित्र के अभिनय के माध्यम से सनातन धर्म संस्था हजारों परिवारों को प्रभावित कर रही है। असंख्य लोग इसके प्रभाव में आकर मांसाहार का त्याग कर चुके हैं, बच्चे बुरी आदते छोड़ रहे हैं। 


रामलीला के आयोजन से हम सभी को बड़ी उम्मीदें हैं। आयोजन के 10 साल पूरे होते होते बस्ती में निश्चित रूप से ऐसा बदलाव दिखेगा जिसे चाहते तो हम सभी हैं लेकिन इसके लिये आगे आने को तैयार नही होते। सनातन धर्म संस्था ने यह जिम्मेदारी ली है। कर्नल के.सी. मिश्र ने कहा के आयोजन समिति को इस बात की प्रसन्नता है कि आयोजन अपने छठें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस रामलीला में हम ऐसे बच्चों को हिस्सा नही लेने देते जो मांसाहार करते हैं या उनके व्यवहार मे दोष है। हस स्तर से परीक्षण के उपरान्त ही बच्चों को अवसर दिया जाता है। हमारा उद्देश्य है कि ऐसी पीढ़ी तैयार हो जो जिसके भीतर देश और धर्म के प्रति उद्गार हो। आयोजन समिति के सदस्य पंकज त्रिपाठी ने कहा कि रामलीला में परोक्ष अपरोक्ष रूप से 30 विद्यालयों के बच्चे भाग ले रहे हैं।

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