जानलेवा कफ सिरप के सेवन से 14 बच्चों की मौत, राज्यों मे मचा हड़कम्प, सरकार ने लगाई रोक
14 children die after consuming lethal cough syrup, causing panic in states, government bans it
नेशनल डेस्कः मध्य प्रदेश और राजस्थान से बड़ी खबर आ रही है। यहां कफ सिरप पीने से 14 बच्चों की मौत हुई है। घटना के बाद केन्द्र सरकार ने इस जानलेवा दवाई पर प्रतिबंध लगा दिया है. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने छह राज्यों में कफ सिरप और एंटीबायोटिक समेत 19 दवाओं की जांच शुरू की.।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एमपीएफडीए) की ओर से जांचे गए तीन नमूने डायथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) और एथिलीन ग्लाइकॉल (ईजी) संदूषकों से मुक्त पाए गए, जो किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। जांच में पता चला कि यह सिरप तमिलनाडु के कांचीपुरम में बना था. मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार देर शाम हमारे साथ परिणाम साझा किए गए. नमूनों में डीईजी की मात्रा स्वीकार्य सीमा से अधिक थी. इसके बाद, तमिलनाडु सरकार ने कफ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया और इसे बाजार से हटाने का आदेश दिया है।
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक परामर्श जारी कर निर्देश दिया कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी और सर्दी की दवाइयां नहीं दी जाएं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले डी.जी.एच.एस. ने परामर्श में कहा कि आमतौर पर पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कफ सिरप की सिफारिश नहीं की जाती है। मौत की खबरों के बीच उत्तराखंड सरकार ने शनिवार को प्रदेश भर में मेडिकल स्टोरों और थोक औषधि विक्रेताओं पर छापेमारी अभियान शुरू किया।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीमें प्रदेश के सभी जिलों में मेडिकल स्टोरों, थोक दवा विक्रेताओं और अस्पतालों की औषधि दुकानों पर छापेमारी कर रही हैं। वहीं गुजरात सरकार ने राज्य में बिक रही कफ सिरप में किसी हानिकारक तत्व की मौजूदगी का पता लगाने के लिए शनिवार को जांच का आदेश दिया।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में सात सितंबर से संदिग्ध गुर्दा संक्रमण के कारण नौ बच्चों की मौत के बाद शनिवार को ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को एक्स पर कहा, छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ सिरप के कारण बच्चों की मौत बेहद दुखद है. इस सिरप की बिक्री पूरे मध्यप्रदेश में प्रतिबंधित कर दी गई है। इसके अलावा केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने शनिवार को कहा कि राज्य के औषधि नियंत्रण विभाग ने राज्य में ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी है।
समस्या यह है कि अक्सर सस्ते और कम गुणवत्ता वाले इंडस्ट्रियल ग्रेड इंग्रेडिएंट्स का उपयोग किया जाता है. इससे सिरप में एथिलीन ग्लाइकॉल जैसा जहरीला तत्व मिल जाता है, जो किडनी को नुकसान पहुंचाता है और किडनी फेलियर का कारण बनता है, जिससे कई बार बच्चों की मौत भी हो जाती है। जानकार बताते हैं कि सिरप पीने के बाद उल्टी, पेट दर्द और दस्त जैसी समस्याएं होती हैं। इसके बाद किडनी में क्रिस्टल बन जाते हैं, जिससे किडनी फेलियर हो जाता है. तीसरे चरण में दिमाग पर असर होता है. यह प्रक्रिया बेहद घातक होती है।











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