कांशीराम कालोनी की दुश्वारियों पर मौन हैं अफसर
The officers are silent on the problems of Kanshiram Colony.
बस्ती, 04 अक्टूबर (रत्नेन्द्र पाण्डेय)। सदर विकास क्षेत्र में चननी के निकट स्थित कांशीराम आवास उपेक्षा का दंश झेल रहे हैं। यहां स्वच्छता हाशिये पर और अराजकता, अव्यवस्था, असुरक्षा चरम पर है। जुआ, शराब, अश्लीलता और यहां तक कि जिस्म फरोशी इस इलाके की पहचान बन चुकी है। सूत्रों की माने तो जिम्मेदार अफसरों से ये सब छिपा नही है लेकिन जानबूझकर इसे अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। मोहल्ले के लोग कहते हैं यहां साफ सफाई नही होती। मच्छरों के काटने से अक्सर लोग बीमार होते हैं।
कालोनी में कुल 700 से ज्यादा आवास हैं, लगभग सभी का आवंटन हो चुका है। इनमे 400 से ज्यादा आवासों में कोई न कोई रह रहा है जबकि शेष में ताले लटक रहे हैं। यहां की आबादी एक हजार से ज्यादा होगी। कई प्रभावशाली लोगों ने अपने नाम आवंटन करवाकर किराये पर चढ़ा रखा है, आम के आम गुठलियों के दाम वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। ऐसे लोग प्रशासनिक अधिकारियों के निकट हैं इसलिये कार्यवाही नही होती है। मोहल्ले के सम्भ्रान्त लोग संदिग्ध लोगों की आवाजाही ओर जिस्मफरोशी से परेशान हैं।
उनका कहना है कि इसका हमारे परिवारों पर बुरा असर पढ़ रहा है। बच्चों के पढ़ने के लिये सरकारी स्कूल दो किमी. दूर है। यह भी पता चला है कि कई घरों के पुरूष, महिलायें बच्चों को लेकर भिक्षाटन के लिये निकल जाते हैं, शाम को वापस आकर शराब पीते हैं हंगामा करते हैं, खा पी कर सो जाते हैं। दूसरे दिन फिर अपने काम पर लग जाते हैं। बच्चों को खेलने के लिये यहां एक अदद पार्क तो है लेकिन देशकर ऐसा नही लगता कि पार्क मे कभी कोई बैठता है या फिर यहां कोई एक्टिविटी होती है। स्थानीय लोगों ने कालोनी के आसपास मच्छररोधी छिड़काव, पार्क और कालोनी के इर्दगिर्द साफ सफाई के साथ साथ यहां पनप रही अवांछनीय गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग किया है जिससे सम्भ्रान्त परिवारों के रहने योग्य माहौल बने ओर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।












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