पूर्व गृहमंत्री शिवराज पाटिल का निधन
नेशनल डेस्कः कांग्रेस के वरिष्ठ स्तंभ और देश के पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल का शनिवार तड़के उनके लातूर स्थित आवास पर निधन हो गया। वे इंदिरा गांधी और राजीव के भरोसेमंद नेताओं मे थे। 91 वर्ष की आयु में उन्होंने सुबह लगभग साढ़े छह बजे अंतिम सांस ली। वे कांग्रेस के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते थे। बीते कई महीनों से वे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के चलते घर पर ही चिकित्सकीय निगरानी में थे।
पाटिल ने कई प्रमुख संवैधानिक और सरकारी जिम्मेदारियां निभाईं। केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालयों का संचालन करने से लेकर लोकसभा के अध्यक्ष पद तक की जिम्मेदारी उठाने तक उनका सार्वजनिक जीवन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में दर्ज है। मराठवाड़ा के राजनीतिक परिदृश्य में उनका प्रभाव इतना मजबूत था कि लातूर लोकसभा सीट से वे सात बार जनता का विश्वास जीतकर संसद पहुंचे। कई दशक तक क्षेत्र की राजनीति में उनकी पकड़ अडिग रही। मुंबई में जब 2008 में आतंकी हमला हुआ था, तब पाटिल देश के गृह मंत्री थे. उन्होने घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुये इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में देश के लिए कई प्रतिष्ठित पदों पर काम किया और देश की संवैधानिक प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई।












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