बस्ती मे गूंजा वंदेमातरम, हजारों छात्र छात्राओं ने रचा इतिहास
बस्ती, 08 दिसम्बर। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरा होने पर सोमवार को शहीद सत्यवान सिंह स्टेडियम में जनपद के 36 विद्यालयों के 34000 छात्र छात्राओं और शिक्षकों ने वंदे मातरम का सामूहिक गायन करते हुए मां भारती को नमन किया। वन्देमातरम सार्धशती उत्सव आयोजन समिति के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने सभी का ध्यान खींचा।
शहर के सड़को पर ध्वनि विस्तारको के द्वारा वन्देमातरम का स्वर गूँजा तो हर कोई अवाक रह गया। देशप्रेम से ओतप्रोत इस अनोखे कार्यक्रम की हर कोई सराहना कर रहा है। जनपद के सभी विद्यालयों ने आपसी सामजंस्य का परिचय देकर मण्डल व जनपद के प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में दिव्य कार्यक्रम प्रस्तुत कर इतिहास रचा। दीप प्रज्वलन व माँ भारती के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ शुरू हुये इस भव्य कार्यक्रम मे “वन्देमातरम एवं राष्ट्रनिर्माण में युवाओं की भूमिका“ विषय पर परिचर्चा का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की भूमिका एवं इस महोत्सव के उद्देश्य पर बच्चों को संबोधित करते हुए कैलाश नाथ दूबे ने कहा कि वंदे मातरम राष्ट्र की नवचेतना का गान है और यह मां भारती के लिए सर्वस्व समर्पण का प्रेरक महामंत्र है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्र रक्षा के लिए एकता और बलिदान के मूल्य से परिचित कराना है। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम पिछले 150 वर्षों से भारतीयों को राष्ट्रभक्ति के लिए प्रेरित कर रहा है। यह ब्रिटिश शासन के विरुद्ध प्रतिरोध का प्रतीक बना और स्वतंत्रता सेनानियों के होंठों पर स्वाधीनता का उद्घोष बन गया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम भारत माता के प्रति समर्पण, श्रद्धा और प्रेम का प्रतीक है।
पुलिस उप महानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र संजीव त्यागी ने परिचर्चा को आगे बढाते हुये कहा कि जननी और जन्मभूमि दोनो माता के समान हैं, इसे धरती माता इसलिए कहते हैं क्योंकि यह हमारा भरण पोषण करती है, भारत भूमि ही दुनिया मे एक देश है जिसे माता कहते हैं। उन्होंने कहा कि वन्देमातरम आज भी स्वाभिमान, एकता और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे देश की प्रगति में अपनी भूमिका निभाएं और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त बनाएं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक ने वंदे मातरम् के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि राष्ट्र की चेतना को जागृत करने वाली एक भावपूर्ण वंदना है। उन्होंने बताया 7 नवंबर 1875 को बंकिम चंद्र चटर्जी ने वंदे मातरम् की रचना की थी। यह गीत देशभक्तों के लिए प्रेरणा और जागृति का स्रोत बना। आज बड़ी आवश्यकता है देश भर के विद्यार्थियों को गीत के अर्थ, महत्व और स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका से अवगत कराया जाए, ताकि नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना सशक्त हो सके।
इस अवसर पर मुख्य राजस्व अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक संजय सिंह, जिला क्रीडा अधिकारी आदि मंच पर उपलब्ध रहे। वन्देमातरम कार्यक्रम में इन विद्यालयों के बच्चों ने प्रतिभाग किया राजेश चौधरी श्रीराम पब्लिक स्कूल, सुभाष त्रिपाठी ए एस जी एस इंटर कालेज हरैया, अनिल तिवारी पण्डित चतुर्भुज इंटर कॉलेज कप्तानगंज, अरविंद मिश्र, यदुवेन्द्र सिंह करमा देवी ग्रुप एजुकेशन, प्रधानाचार्य लिटिल फ्लावर स्कूल-हरैया, प्रबन्धक सर माउंट कॉन्वेंट स्कूल, डॉ अरुणा पाल सी डी ए स्कूल बनकटी, डॉ अपर्णा भारद्वाज राजकीय कन्या इंटर कालेज,अमित यादव राजकीय इंटर कालेज, गोविंद सिंह सरस्वती विद्या मन्दिर,
प्रियंका सिंह सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, मुस्लिमा खातून बेगम खैर इंटर कालेज, प्रधानाचार्य सेंट बेसिल स्कूल, डॉ सुरभि सिंह पाण्डेय गर्ल्स स्कूल, प्रधानाचार्य गोविंद राम सक्सेरिया स्कूल, एंजलीना फिलिप सेंट जोसेफ स्कूल, कामोद उपाध्याय सरस्वती शिशु मंदिर शिवा कालोनी, मनोज सिंह शिव हर्ष किसान इंटर कॉलेज, फोनिक्स पब्लिक स्कूल, राजेश मिश्र डॉन वास्को स्कूल, गोविंद चौधरी ब्लूमिंग बड्स स्कूल, आर के उस्मानी इंडियन पब्लिक स्कूल, जगदीश मिश्र सावित्री विद्या विहार, सन्तोष श्रीवास्तव यूनिक साइंस एकेडमी, विनय शुक्ल उर्मिला एजुकेशनल एकेडमी,
लीलावती शुक्ल जागरण पब्लिक स्कूल, गोपाल त्रिपाठी दिल्ली स्कूल ऑफ एक्सीलेन्स, राम प्रताप सिंह श्रीनेत गलोबल पब्लिक स्कूल, इंजीनियर शैलेष चौधरी पब्लिक स्कूल, अखिलेश दूबे एस पी चिल्ड्रेन्स एकेडमी, खैर इंटर कालेज, कृषक इंटर कॉलेज, महाजन उत्तर माध्यमिक विद्यालय, आर्य कन्या इंटर कॉलेज, जे पी तिवारी सेंट्रल एकेडमी, डॉ सुरभि सिंह पाण्डेय गर्ल्स इंटर कॉलेज आदि। कार्यक्रम की अध्यक्षता जगदीश मिश्र ने किया कार्यक्रम में मुख्य रूप से अखिलेश दूबे, शुशील मिश्र, डॉ रोहन दूबे, अतुल चित्रगुप्त, मनीष सिंह, रमेश सिंह, डॉ शैलेष सिंह, भोलानाथ चौधरी, मनीष सिंह, चन्द्रभान सिंह, अभिनव उपाध्याय, अर्पित गौड़, ओमकार मिश्र, हर्ष मिश्र, अंकुर यादव, अनुराग शुक्ल, सच्चिदानंद पाण्डेय, पंकज त्रिपाठी आदि लोग उपस्थित रहे।












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