चित्रगुप्त मंदिर के सभागार में मनाया गया
स्वामी विवेकानंद का जन्मदिन
बस्ती, 15 जनवरी। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, बस्ती के तत्वावधान में श्री चित्रगुप्त मंदिर के सभागार में भारत के महान संत, दार्शनिक एवं युवाओं के प्रेरणापुंज स्वामी विवेकानंद जी की जयंती श्रद्धा, गरिमा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन, विचारों और राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महासभा के जिला कार्यकारी अध्यक्ष रूपेश श्रीवास्तव ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का जीवन और उनके विचार आज भी देश के युवाओं को आत्मविश्वास, साहस और राष्ट्रभक्ति का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने युवाओं को अपनी शक्ति पहचानने का मार्ग दिखाया और भारत को विश्व मंच पर गौरव दिलाया। इस अवसर पर डॉ. नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने भारतीय संस्कृति, वेदांत और आध्यात्मिक चेतना को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाया।
मनीष श्रीवास्तव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको” केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला मंत्र है। कौशल किशोर जी ने स्वामी विवेकानंद जी के सेवा भाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने मानव सेवा को ही सच्ची ईश्वर सेवा बताया। वहीं प्रकाश मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी के विचार समाज को एकजुट करने और राष्ट्र को मजबूत बनाने की प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम में कायस्थ समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से संतोष श्रीवास्तव, सोनिल श्रीवास्तव, डॉ. विजय श्रीवास्तव, प्रमोद श्रीवास्तव, जय प्रकाश, रमेश श्रीवास्तव परमात्मा प्रसाद, विजय श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। उपस्थितजनों ने स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को आत्मसात कर समाज और राष्ट्रहित में कार्य करने के संदेश के साथ हुआ।














Post a Comment
0 Comments