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UGC मामले मे खुलकर सामने आ रहा है बीजेपी का अंतर्विरोध



UGC मामले मे खुलकर सामने आ रहा है बीजेपी का अंतर्विरोध
नेशनल डेस्कः यूजीसी की नई नीतियों को लेकर देशभर में विरोध तेज हो गया है। यह विरोध बीजेपी के अंदर भी पहुंच गया है। पार्टी के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी यूजीसी के नए नियमों को “काला कानून“ बताकर इस्तीफा दे रहे हैं। ये नियम उच्च शिक्षा में समानता लाने के नाम पर लाए गए हैं, लेकिन कई लोग इन्हें सवर्ण समाज के खिलाफ मान रहे हैं। 


रायबरेली की सलोन सीट से बीजेपी किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट श्याम सुंदर त्रिपाठी ने यूजीसी की नई नीतियों से असंतुष्टि जताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि ये नियम सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। बिलसंडा क्षेत्र के चपरौवा कुइयां गांव के भाजपा बूथ अध्यक्ष कृष्ण कुमार तिवारी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 


इसी कड़ी में फिरोजाबाद जिले मे बीजेपी महिला मोर्चा की जिला मंत्री शशि तोमर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को व्हाट्सएप के माध्यम से अपना त्यागपत्र भेजा। इस्तीफे में उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी के नए नियम सवर्ण समाज के छात्रों की शिक्षा पर प्रतिकूल असर डाल सकते हैं और इससे उनकी शैक्षणिक स्वतंत्रता सीमित होने का खतरा है। यूजीसी के नए नियमों को लेकर पीलीभीत में जबरदस्त विरोध देखने को मिला। सवर्ण समाज के लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे और प्रदेश व केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 


विरोध प्रदर्शन करते हुये कलेक्ट्रेट पहुंचे। समाजसेवी हरिओम वाजपेई ने मुंडन करवाकर विरोध दर्ज कराया। वहां मौजूद लोगों ने काला टीका लगाकर विरोध जताया। विरोध की इसी कड़ी में मेरठ और देवरिया में प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए। गाजियाबाद में कफन पहनकर विरोध जताया। बनारस में सवर्ण सांसदों को चूड़ियां भेजी गईं। खून से लेटर लिखकर वापस नया कानून वापस लेने की मांग की गई। बनारस में भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने इस्तीफा दिया। मायावती बोलीं- विरोध ठीक नहीं।


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