महोबा मे विजिलेंस टीम ने घूसखोर प्रोजेक्ट मैनेजर को दबोचा
यूपी डेस्कः यूपी मे रिश्वतखोरी के मामले रोजाना सामने आ रहे हैं। अधिकांश मामलों में विजिलेंस टीम आरोपी को रगे हाथ गिरफ्तार कर जेल भेज रही है, इसके बावजूद लालचखोर अधिकारी और कर्मचारी आदत से बाज नही आ रहे हैं। ताजा मामला महोबा जिले का है। यहां सीएचसी पनवाड़ी में तैनात ब्लॉक लेखा प्रबंधक से स्थानांतरण के नाम पर दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुये सीएमओ कार्यालय के परिवार कल्याण प्रोजेक्ट मैनेजर को झांसी विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार कर लिया। शहर के एक बाइक एजेंसी के बेसमेंट से मैनेजर को गिरफ्तार किया गया। विजिलेंस टीम प्रोजेक्ट मैनेजर को कोतवाली ले गई और पुलिस के हवाले कर दिया। मूल रूप से कस्बा चरखारी निवासी मेराज मोहम्मद वर्तमान में महोबा में रहते हैं।
वह वर्ष 2010 से कबरई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात थे। जिन्हें वर्ष 2024 में तत्कालीन सीएमओ ने सीएचसी पनवाड़ी में संबद्ध कर दिया गया था। मेराज मोहम्मद संविदा पर ब्लॉक लेखा प्रबंधक के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान में मेराज मोहम्मद सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे और यह अनुरोध कर रहे थे कि उनकी संबद्धता समाप्त कर मूल तैनाती स्थल पर स्थानांतरण किया जाए जिससे वह सीएचसी कबरई में अपनी सेवाएं दे सकें।
आरोप है कि जितेश सोनी जो सीएमओ के सारे गोपनीय काम करते हैं, उन्होंने उससे संपर्क किया और कहा कि 3.50 लाख रुपये दे दो तो उसका काम हो जाएगा। मेराज ने इस बातचीत की रिकॉर्डिंग शुरू की और कहा कि उसके पास फिलहाल दो लाख रुपये की व्यवस्था है। अगर इससे बात बने तो काम करा दो। जितेश सोनी ने इस रकम पर काम होने का दावा किया और बृहस्पतिवार को मेराज मोहम्मद को रुपया लेकर शहर के चरखारी बाईपास स्थित एक बाइक एजेंसी के बेसमेंट में बुलाया।
शाम को मेराज रुपया लेकर बेसमेंट में पहुंचा और जैसे ही जितेश सोनी को दो लाख रुपये की रकम सौंपी तो विजिलेंस टीम के प्रभारी निरीक्षक पीयूष पांडेय, नीरज सिंह, शेषमणि त्रिपाठी, उप निरीक्षक सोनू राजपूत, विश्वराम सिंह आदि ने जितेश सोनी को घेरकर रंगे हाथों पकड़ लिया। पकड़े जाने के बाद वह अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाने लगा, लेकिन टीम ने उसे पुलिस को दे दिया।











Post a Comment
0 Comments