लव जिहाद मामले मे यथोचित कार्यवाही
न करने पर थाना प्रभारी व विवंचक पर गिरी गाज
गौतमबुद्ध नगर, संवाददाता (ओ पी श्रीवास्तव)। उत्तर प्रदेश के नोएडा में लव जिहाद मामले में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने फेस-3 थाना प्रभारी और विवेचक को तत्काल प्रभाव से गुरुवार को निलंबित कर दिया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता की ओर से नोएडा के थाना फेस-3 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 69, 351 और 308 के तहत केस पंजीकृत कराया गया था।
लेकिन बाद में शिकायत पर जब पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई तो पाया गया कि मामले की प्रकृति के मुताबिक कुछ अहम धाराएं आरोपी को बचाने के उद्देश्य से शामिल नहीं की गई थीं। नोएडा पुलिस कमिश्नरेट स्तर पर हुई जांच में यह बात सामने आई कि इस संवेदनशील केस में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 5(3) और एससी, एसटी एक्ट की धारा 3(2) (5) नहीं जोड़ी गई। इस मामले में लापरवाही सामने आने के बाद नोएडा की पुलिस कमिश्नर ने थाना फेस-3 प्रभारी पुनीत कुमार और विवेचक उपनिरीक्षक श्रीमती प्रीति गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
एस आई प्रीति गुप्ता की इससे पहले भी कई बार शिकायते मिलती रही है। जानकारों का कहना है कि एस आई अक्सर फरियादियों को डरा धमकाकर पैसे ऐंठने का काम करतीं थीं। सूत्र बताते हैं कि मामले की गंभीरता को देखते हुए केवल थाना स्तर तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी गई है। एसीपी प्रथम सेंट्रल नोएडा उमेश यादव, थाना प्रभारी पुनीत कुमार और विवेचक प्रीति गुप्ता की भूमिका की जांच अब एडीसीपी नोएडा को अलग से सौंप दी गई है। उक्त सम्बन्ध में पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाकर उससे संबंध बनाए। इतना ही नहीं, विरोध करने पर उसे वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। बताते हैं कि एस आई प्रीति गुप्ता ने इस मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने में लापरवाही बरती।











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