#lpg किल्लतः आल इज नॉट वेल,
जमीनी हकीकत से रूबरू हों प्रशासनिक अफसर
बस्ती, 28 मार्च। सरकारी दावों के बीच एलपीजी उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। कोई कह रहा है बुकिंग के 15 दिन भी गैस सिलेडर नही पहुंचा तो कोई कह रहा है उनका सिलेंडर डिलिवर हो गया, लेकिन उन्हे नही मिला, कहां गया कुछ नही मालूम। या तो गेस एजेंसियां प्रशासन के नियंत्रण मे नही हैं या फिर प्रशासन और एजेंसियां एक होकर उपभोक्ताओं को गुमराह कर रही है।
आरोप जिला पूर्ति निरीक्षक पर भी है। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके करीबियों को गैस बैक डोर से मुहैया कराई जा रही है। ज्यादातर शिकायते कनकबिहारी गैस एजेंसी की है। यहां गैस बुक करने पर मोबाइल पर डिलिवर होने का मेसेज आ जाता है लेकिन सिलेंडर 15 -20 दिनों बाद भी गैस नही मिल रही है। एजेंसी से पता करने पर बताया जा रहा है, आपका गैस डिलिवर हो चुका है। इसका समाधान किसके पास है पता नहीं। लेकिन एक बात सभी को पता है गैस की किल्लत से अभी निजात नही मिल पाई है।
प्रशासनिक अफसरों का दावा है कि जिले मे पर्याप्त गैस है। सवाल ये है कि पर्याप्त गैस होने के बाद एजेंसियों पर लाइनें क्यों लग रही हैं। क्या लोग इसे भी स्टोर कर रहे हैं ? प्रशासनिक अफसरों को जमीन पर उतरकर हकीकत पता करनी होगी तभी उनकी नजर खामियों पर जायेगी और समस्या का जमीनी स्तर पर समाधान हो पायेगा। वरिष्ठ भाजपा नेता राजेन्द्रनाथ तिवारी ने कहा कि कनक बिहारी गैस एजेंसी से बुकिंग के 15-16 दिन बाद भी गैस नही मिली। वे उम्र और स्वास्थ्य कारणों से लाइन लगाने मे सक्षम नही है। उनकी समस्या का समाधान कैसे होगा ? ये तो एक बानगी है। ऐसे हजारों लोग हैं जो लाइनों मे लगकर सिलेंडर लेने मे सक्षम नही है, और दूसरों की मदद पर निर्भर हैं। अधिकारियों को झूठे दावों से बाहर निकलकर समस्या का समाधान करने मे रूचि लेनी चाहिये।










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