प्रशासनिक चूक का साइड
इफेक्ट है नोयडा में निजी कर्मचारियों का उग्र आन्दोलन
गौतमबुद्ध नगर संवाददाता (ओ पी श्रीवास्तव)। प्रशासनिक चूक की वजह से नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से कर्मचारियों और मजदूरों का आंदोलन लगातार जारी है। फैक्ट्री कर्मचारियों की मांगों को लेकर शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब उग्र रूप लेता जा रहा है। प्रशासन द्वारा दिए गए प्रस्ताव को कर्मचारियों ने सिरे से खारिज कर दिया है जिसके बाद प्रदर्शन और तेज हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चिंताजनक बात यह सामने आई है कि मजदूरों के शांतिपूर्ण आंदोलन की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व भी सक्रिय हो गए हैं। ये तत्व जानबूझकर माहौल खराब करने और आंदोलन को हिंसक रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।
बताया जाता है कि आंदोलन कर रहे कुछ कर्मचारियों पर जब पुलिस ने लाठी बरसाई जिसकी वजह से आंदोलन कर्मचारी प्रेस्ड हो गए और स्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब अराजक तत्वों ने पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाते हुए उनमें आग लगा दी। आगजनी की इस घटना से इलाके में अफरा तफरी मच गई और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आंदोलन मे कुछ पुलिस कर्मचारियों सहित कई लोगों के घायल होने की जानकारी मिल रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ये लोग अचानक भीड़ में शामिल हुए और सुनियोजित तरीके से तोड़फोड़ और आगजनी को अंजाम दिया।
मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों ने साफ तौर पर कहा है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करते। उनका आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व आंदोलन को बदनाम करने की साजिश के तहत ऐसी घटनाएं कर रहे हैं। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नोएडा में चल रहे इस आंदोलन ने अब कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
एक ओर मजदूर अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर असामाजिक तत्वों की घुसपैठ से आंदोलन की साख पर भी असर पड़ रहा है। नोएडा के फेज-2 से शुरू हुआ मजदूर आंदोलन पूरे नोएडा शहर में नजर आने लगा है। मजदूरों के आंदोलन के कारण नोएडा शहर में जगह-जगह जाम लग गया है। मजदूरों के आंदोलन का असर इतना व्यापक हो गया है कि नोएडा के सभी प्रमुख मार्गों पर लम्बा-लम्बा जाम लगा हुआ है। जाम को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मानो पूरा नोएडा शहर जाम वाला शहर बन गया हो।
सोमवार का दिन नोएडावासियों के लिए मुसीबत लेकर आया। मजदूरों के आंदोलन के कारण पूरे नोएडा शहर में चारों तरफ जाम लगा हुआ है। दिल्ली से नोएडा में प्रवेश करने वाले ज्यादातर रास्ते जाम से प्रभावित हुए हैं। नोएडा के नागरिकों को राय दी गई है कि जब तक बहुत आवश्यक ना हो अपने घरों से कोई बाहर ना निकले। सेक्टर-65 63,62, सेक्टर-16 और एनएच-9 एवं एफ एन जी जैसे प्रमुख मार्गों पर श्रमिकों ने जाम लगा दिया, जिससे गाडिय़ों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं हैं। दिल्ली से नोएडा में प्रवेश करने वाले अक्षरधाम मार्ग को भी प्रदर्शनकारियों ने बाधित कर दिया है, जिससे दिल्ली और मयूर विहार की ओर से आने वाले यात्रियों के लिए स्थिति गंभीर हो गई है।
मयूर विहार के क्राउन प्लाजा फ्लाईओवर के पास घंटों तक वाहन रेंगते नजर आए। यातायात पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए सेक्टर-62 गोलचक्कर और एनआईबी पुलिस चौकी के बीच डायवर्जन लागू किया है और सहायता के लिए ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। नोएडा के ट्रैफिक पुलिस ने नोएडा शहर में ट्रैफिक जाम की जानकारी देने के लिए हैल्प लाइन नम्बर जारी किया है। नोएडा ट्रैफिक पुलिस की तरफ से जारी किया गया हेल्पलाइन नम्बर- 997109001 है। नोएडा के नागरिक इस हेल्पलाइन नम्बर से जानकारी लेकर टै्रफिक जाम से बचने का रास्ता जान सकते हैं।
नोएडा के फेज-2 क्षेत्र में प्रदर्शन कर रहे मजदूरों के ऊपर नोएडा पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे हैं। कर्मचारियों के भारी आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद कर्मचारियों की भीड़ तितर-बितर हो गई। उल्लेखनीय है कि निजी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी वेतन संबंधी मांग को लेकर पिछले एक सप्ताह से आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रहे थे। तीन दिन पहले भी आंदोलनकारियों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था। जिसकी सूचना देने में लापरवाही मिलने पर पुलिस आयुक्त ने थाना फेज दो के प्रभारी अवधेश सिंह और एल आई यू के एक आरक्षी प्रतीक चौधरी को निलंबित कर दिया था।
इस दौरान नोएडा पुलिस ने एक बयान जारी करके नोएडा के नागरिकों से विशेष अपील की है। औद्योगिक इकाई क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए हैं। पुलिस एवं प्रशासनिक उच्चाधिकारियों के साथ-साथ पुलिस बल के सभी स्थानों पर उपस्थित हैं। स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। पुलिस एवं प्रशासनिक उच्चाधिकारियों की ओर से श्रमिकों को शांति एवं संयम बनाए रखने के लिए लगातार समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। आवश्यकतानुसार न्यूनतम बल प्रयोग करते हुए शांति व्यवस्था बनाई जा रही है। किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। हाल फिलहाल नोएडा में तनाव पूर्ण स्थित बनी हुई है और इसे प्रशासनिक चूक मानी जा रही है। क्योंकि जिम्मेदार अधिकरियों ने प्राइवेट कर्मचारियों के आक्रोश को नजरअंदाज किया तथा उनसे संवाद नहीं स्थापित किया।












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