बस्ती पुलिस मे आनन फानन मे
निलंबन और फिर पोस्टिंग पर उठे सवाल
बस्ती, 07 मई। पुलिस महकमे मे निलंबन के बाद तेज पोस्टिंग पर सवाल उठ रहे हैं। जनपद के छावनी थाना क्षेत्र स्थित विक्रमजोत चौकी क्षेत्र में हुए हत्या के एक मामले को लेकर की गई पुलिस कार्रवाई अब सवालों के घेरे में आ गई है। पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने घटना के बाद उपनिरीक्षक समेत संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए जांच के निर्देश दिए गए थे।
पुलिस अधीक्षक के सख्त तेवर और त्वरित कार्यवाही की सोशल मीडिया मे खूब चर्चा हुई। दण्डात्मक कार्यवाही के महज दो-तीन दिन के भीतर ही नई तैनाती कर दी गई। लोगों का कहना है कि इतनी गंभीर घटना में जहां विस्तृत और निष्पक्ष जांच अपेक्षित थी, वहीं इतनी तेजी से पोस्टिंग होना प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। निलंबन की सजा पाये पुलिसकर्मियों ने तीन दिन के भीतर कौन सा ऐसा कार्य कर दिया कि पुलिस अधीक्षक उससे प्रभावित हो गये।
निलंबन के कुछ ही घंटों बाद चौकी इंचार्ज एसआई शशिशेखर सिंह को सोनूपार चौकी प्रभारी बना दिया गया। इस त्वरित तैनाती को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं। एक ओर जहां कुछ लोग नई तैनाती को प्रशासनिक सक्रियता मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग इसे जांच पूरी होने से पहले जल्दबाजी में लिया गया फैसला मानकर आशंका जता रहे हैं। पूरा मामला विक्रमजोत चौकी क्षेत्र में हुई हत्या की घटना से जुड़ा है, जिसके बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई थी।
आपको याद दिला दें छावनी थाना क्षेत्र के रमहटिया गांव में झाड़ियों में 40 वर्षीय गया प्रसाद का शव मिला था। परिजनों का आरोप था कि पड़ोस के राजन नाम के व्यक्ति से वर्षों से दुश्मनी चल रही थी, उसने पहले गया प्रसाद को तेजाब पिलाया और फिर चेहरे पर तेजाब डाल कर मौत के घाट उतार दिया। इस मामले मे चौकी इंचार्ज की भूमिका संदिग्ध पाये जाने पर पुलिस कप्तान ने दो आरक्षियों समेत चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया था। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि चौकी इंचार्ज और उन के साथ आए दो सिपाहियों ने 50 हजार की डिमांड की।











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