नोट छापने की मशीन बनेगा गंगा एक्सप्रेसवे, योगी सरकार नें बनाया रोडमैप
यूपी डेस्कः योगी आदित्यनाथ सरकार ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर मास्टरप्लान तैयार किया है। सरकार के नए प्लान से एक्सप्रेसवे के आसपास के 12 जिलों की तकदीर बदल जाएगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाने वाला यह एक्सप्रेसवे अब केवल एक हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर नहीं रहेगा, बल्कि रोजगार के साधन और आजीविका का साधन भी बनेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर मास्टरप्लान तैयार किया है, जो उत्तर प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था को पूरी तरह से बदल देगा। इसके निर्माण से मेरठ से प्रयागराज की यात्रा का समय 12 घंटे से घटकर मात्र 6 घंटे रह गया है। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले इस एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ नए स्मार्ट शहर, विशाल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स और एडवांस कमर्शियल हब बनाए जाएंगे। सरकार इस पूरे रूट पर पड़ने वाले 12 जिलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के बिजनेस सेंटर्स के रूप में विकसित करने जा रही है, जिससे करोड़ों लोगों को फायदा होगा।
यूपीडा और प्रशासन ने एक्सप्रेसवे के आसपास भूमि सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत 12 जिलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के बिजनेस सेंटर्स के रूप में विकसित किया जाएगा। एक्सप्रेसवे के किनारे आधुनिक आवासीय कॉलोनियां, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, बहुमंजिला ऑफिस स्पेस, स्कूल, अस्पताल और अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। गंगा एक्प्रसेवे जिन जिलों से होकर गुजरेगी उनमे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज शामिल है।











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