नोयडा को मिलेंगी 100 नई बसें,
गुलजार होगा वर्षो से खाली पड़ा टर्मिनल
गौतमबुद्ध नगर संवाददाता (ओ पी श्रीवास्तव)। नोएडा शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जल्द ही 100 नई छोटी बसें मिलने वाली हैं। इन बसों के लिए नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-82 स्थित हाईटेक सिटी बस टर्मिनल की इमारत सौंपने की मंजूरी दे दी है। करीब 162 करोड़ रुपये की लागत से एयरपोर्ट की तर्ज पर बना बस टर्मिनल पिछले चार वर्षों से खाली पड़ा था।
अब इन बसों के संचालन से न केवल इस इमारत का सदुपयोग होगा, बल्कि यात्रियों और डिपो कर्मचारियों को भी आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। 100 बसें नोएडा को मिलने की योजना शासन स्तर से मंजूर होने की पुष्टि नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश ने की। इस संबंध में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि ये छोटी बसें होंगी और इनका संचालन भी सिटी बस के तौर पर होना है। पहले मिली 50 बसों का संचालन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर की कनेक्टिविटी को केंद्र विंदु में रखकर तैयार किए गए रूट पर हो रहा है।
यह रूट अधिकतर शहर के बाहर से गुजरते हैं। मिलने वाली 100 बसों का संचालन मेट्रो व पहले से चल रहीं बसों के फीडर के तौर पर चलाई जाएंगी। सीईओ ने बताया कि इन बसों के चार्जिंग समेत सभी संसाधन सेक्टर-82 बस टर्मिनल में ही विकसित होंगे। सेक्टर-82 सिटी बस टर्मिनल का निर्माण नोएडा प्राधिकरण ने 2015 में शुरू किया था। 2016 में काम पूरा होना था, लेकिन 2022 में पूरा हुआ नवंबर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बस टर्मिनल का लोकार्पण प्राधिकरण ने करवाया था। प्राधिकरण ने परिवहन निगम को सौंपने के मकसद से इस इमारत का निर्माण किया था। इतनी बड़ी इमारत को निगम ने टेकओवर करने से हाथ खड़े कर दिए थे।
इसके बाद से सिर्फ 4 बसें परिवहन निगम चलवा रहा है। एक साइबर क्राइम का दफ्तर खुला है। बाकी पूरी इमारत खाली पड़ी है। सिटी बस टर्मिनल इमारत तीन भागो में बटी हुई है। इसमें भूतल, पहला और दूसरा तल शामिल है। भूतल पर बस संचालन की पूरी व्यवस्था है। इसमें बुकिंग सेंटर, ऑफिस, शौचालय, वाणिज्यिक क्षेत्र, पुलिस पोस्ट, यात्री प्रतीक्षालय, फूड कोर्ट, बस शेल्टर, रिपेयरिंग की जगह, पार्किंग सरफेस कार पार्किंग है। पहले तल पर दुकानें फूड कोर्ट लाइब्रेरी है। वहीं दूसरे तल पर यात्री निवास, कैफे व कॉरीडोर है। कई लिफ्ट, एसी समेत अन्य सुविधाएं भी हैं। इन बसों के संचालन से निश्चित ही नोएडा की परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा। जिसका सीधा लाभ नोएडा वासियों को मिलेगा।





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