Type Here to Get Search Results !

Bottom Ad

नोयडा मे करंट लगने से युवा इंजीनियर की मौत, सरकारी दावों की खुली पोल

नोयडा मे करंट लगने से युवा
इंजीनियर की मौत, सरकारी दावों की खुली पोल

गौतमबुद्ध नगर संवाददाता (ओ पी श्रीवास्तव)।
उत्तर प्रदेश का हाईटेक जिला कहा जाने वाले गौतम बुद्धनगर के नोएडा में बिजली का करंट लगने से एक युवक की मौत ने कई सवालिया निशान छोड़े हैं। जैसे जर्जर विद्युत पोलों से बिजली की आपूर्ति, बिजली पोलों को प्लास्टिक की पन्नी से नहीं ढंका जाना, मौत हो जाने के मामले में तहरीर दिए जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज न किया जाना।


हैरानी इस बात की है कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बावजूद गरीब परिवार की सहायता न तो जिला प्रशासन ने की और ना ही किसी राजनीतिक पार्टी ने। इस मामले में सत्ताधारी दल के नेताओं ने भी तटस्थ बने रहना उचित समझा है। उल्लेखनीय है कि नोएडा में बिजली के अधिकांश पोल जर्जर हो चुके हैं और गल गए हैं। बताया जाता है कि वर्ष 1976 में जब नोएडा प्राधिकरण का गठन हुआ था उसी समय के लगे हुए बिजली पोलों के सहारे आज़ भी विद्युत आपूर्ति की जाती है। 


यही कारण है कि सेक्टर 58 में बिजली करंट से एक इंजीनियर युवक आर्यन की वृहस्पतिवार को उस समय मौत हो गई जब वह अपने घर के समीपवर्ती नाले में बरसात के समय पेशाब कर रहा था। बिजली पोल से करंट नाले के पानी में उतर गया था युवक इसकी चपेट में आ गया। लोगों का कहना है कि बिजली के पोलों को पहले प्लास्टिक की पन्नी से बरसात के पूर्व लपेट दिया जाता था। जिससे करंट जमीन पर नहीं आता था। लेकिन हाल के वर्षों में इस व्यवस्था को बिजली विभाग ने समाप्त कर दिया है। इस तरह कहा जा सकता है कि हाईटेक एवं औद्योगिक शहर नोएडा में ’बिजली’ मौत के पोलों से गुजर रही है।


बताया जाता है कि नोएडा के सेक्टर 122, 61, 62, 63, 71 के मुख्य मार्गों सहित सेक्टर 121 के पुश्ता रोड आदि पर लगे पोल जर्जर हो चुके हैं लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अपनी आंखें बंद किए हुए हैं। इस मामले में विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता एसके जैन का कहना है कि विद्युत पोलों पर प्लास्टिक लपेटने का कोई स्पष्ट आदेश नहीं है। लेकिन सुरक्षा की दृष्टिकोण से इसे लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वे शासन से वार्ता करेंगे।


दूसरी तरफ शोक संतप्त परिवार ने इस मामले पुलिस में तहरीर दी गई है लेकिन बताया जा रहा है कि एफ आई आर दर्ज नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि मामला बिजली विभाग और प्राधिकरण के बीच होने की वजह से नोएडा पुलिस असमंजस की स्थिति में है। मृतक आर्यन अपने परिवार का इकलौता कमाऊ व्यक्ति था तथा दिल्ली से बीटेक की पढ़ाई भी कर रहा था। लेकिन अफसोस समाचार लिखे जाने तक न तो जिला प्रशासन और न ही राजनीतिक दलों द्वारा कोई अहेतुक सहायता प्रदान की गई है। इस घटना से उत्तर प्रदेश सरकार के विकास और समृद्धि के बड़े बड़े दावे नोएडा में कहीं न कहीं दम तोड़ते नजर आ रहे हैं।

Post a Comment

0 Comments

Below Post Ad

NAVYUG MEDICAL CENTRE
KRISHNA MISSION HOSPITAL
MARIUM HOSPITAL
PATEL SMH HOSPITAL GOTWA
ROTARY CLUB BASTI CENTRAL

 

Dr. D.K. Gupta

Bottom Ad