सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाकर ले गई
दिल्ली पुलिस, संवाद न समझौता, गुण्डई पर उतरी सरकार
दिल्ली एनसीआर (निहारिका) पेंपर लीक को लेकर देशभर मे आधा दर्जन छात्र सुसाइड कर चुके हैं। सरकार के ऊपर कोई कोई असर नही हुआ। बेशर्मी, बेहयाई की इन्तेहां देखिये, एजुकेशन मिनिस्टर के इस्तीफे को लेकर 20 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक को पुलिस चद्दर की आड़ मे उठाकर अस्पताल ले गई।
धरने का नेतृत्व कर रहे काकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस को गद्दार बताया। घटनाक्रम के दौरान कुछ पुलिस वाले मुस्करा रहे थे, अभिजीत दीपके ने कैमरा वालों से उनका चेहरा दिखाने को कहा। आपको बता दें पिछले 20 दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना चल रहा है। 20 दिनों ने भूख हड़ताल कर रहे को पुलिस आज जबरदस्ती उठाकर अस्पताल ले गई है। हैरानी इस बात की है कि सरकार ने संवाद का रास्ता नही चुना बल्कि साजिश और गुण्डई साफ तौर पर दिखाई दी।
उल्लेखनीय है सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का पीरियड महात्मा गांधी और अन्ना हजारे से ज्यादा है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिम्पल यादव, इकरा हसन, चन्द्रशेखर, अरविन्द केजरीवाल सरीखे बहुत से नेता और सामाजिक कार्यकर्ता उनसे मिलकर भूख हड़ताल खत्म करने की सिफारिश कर चुके हैं। खास तौर से सरकारें जब संवेदनहीन हो जाती हैं तो ऐसे धरने और भूख हड़ताल बेमतलब हो जाते हैं। आपको बता दें प्रधर्नकारियों ने 20 जुलाई को तंजर मंतर से संसद कूच करने का ऐलान किया था। इसमे कई राजनीतिक दलों के नेता शामिल होने वाले थे। लेकिन दिल्ली पुलिस ने इससे पहले ही बड़ा एक्शन ले लिया।










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