हाईजैक है पूरा सिस्टम, एक एफआईआर
दर्ज कराने के लिये राहुल गांधी को 8 घंटा थाने मे धरना देना पड़ा
दिल्ली, एनसीआर संवाददाता। कांग्रेस नेता राहुल गांधी नई दिल्ली के संसद मार्ग थाने में लगभग 8 घंटे तक धरने पर बैठे रहे। थाने के बाहर बड़ी संख्या मे पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक नारे लगाते रहे। यह धरना 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल और छात्रों पर कार्रवाई के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर था।
आपको बता दें जंतर मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ था। कई छात्रों को छर्रे लगे थे। इनमे एक साहिल नाम का युवक था, जिसकी हालत गंभीर थी। साहिल की तहरीर पर पुलिस एफआईआर नही दर्ज कर रही थी। राहुल गांधी को जैसे ही इसकी जानकारी हुई वे साहिल के साथ थाने पहुंच गये। उनके साथ साहिल की मां, प्रियंका गांधी सहित सैकड़ों लोग थे। फिलहाल साहिल लोचब की शिकायत पर पुलिस को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 118 और 125 के तहत एफआईआर दर्ज करनी पड़ी।
पीड़ित ने 14 अगस्त को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर राहुल गांधी पीड़ित के साथ संसद मार्ग पुलिस थाने और डीसीपी कार्यालय पहुंचे तथा न्याय की मांग को लेकर धरना दिया। कई घंटे के प्रदर्शन और दबाव के बाद दिल्ली पुलिस को मुकदमा दर्ज करना पड़ा। आपको याद दिला दें पुलिस और प्रशासन ने पहले पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया था। जबकि राहुल गांधी शुरू से अपने दावे पर अडिग थे और 21 अगस्त को सबूतों के साथ थाने पहुंच गये।
एफ़आईआर दर्ज होने के बाद राहुल गाँधी ने कहा,“ ये न्याय की ओर पहला क़दम है. केस लॉज हुआ है. हम सुबह 11ः30 बजे आए थे पौने सात बजे एफ़आईआर दर्ज हुई है. अगर दिल्ली में ये हो रहा है तो आप सोचिए किसी गांव में क्या होता होगा. यहाँ भी अंतिम अनुमति अमित शाह जी को देना पड़ी.“ उधर शिकायतकर्ता साहिल लोचब ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “बिना किसी मीडिया कवरेज के राहुल गांधी और उनकी टीम मेरी मदद करती रहती थी. कल-परसों इनसे बात हुई तब मैंने बताया कि मेरी एफ़आईआर लॉज नहीं हो रही है. तब उन्होंने कहा कि मिलते हैं और फिर एफ़आईआर दर्ज करवाने चलते हैं.“।












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