विहिप का क्लीनचिट,
चंपत राय फिर बन सकते हैं राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव
अयोध्या, उ.प्र.। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले मे जवाबदेही से सरकार लगातार भाग रही है। सड़क से सदन तक प्रदर्शन हो रहे हैं। आम आदमी से लेकर नेता और साधु संत तक मामले को लेकर आक्रोशित हैं। चढ़ावा चोरी के आरोपों से घिरे चंपत राय एक बार फिर मंदिर ट्रस्ट के महासचिव बनने की रेस में है। चंपत ने 26 जून को महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था।
सूत्रों के मुताबिक, 22 जुलाई को दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद की राष्ट्रीय बैठक में उन्हें क्लीनचिट दे दी गई। इसके अगले ही दिन अयोध्या में उनके समर्थन में संतों ने बैठक की। मणिराम दास छावनी में हुई बैठक में कई प्रमुख संतों ने चंपत राय को बेदाग बताते हुए दोबारा महासचिव बनाने की मांग उठाई। ज्यादातर संतों ने अपना समर्थन दिया। इसके बाद से चंपत राय रोज संतों के पास पहुंच रहे हैं। वह मंदिरों में पहुंचकर संतों-महंतों से मुलाकात कर रहे हैं।
राम मंदिर व्यवस्था को लेकर विचार-विमर्श कर रहे हैं। राम मंदिर धार्मिक समिति के सदस्य स्वामी राजकुमार दास ने कहा कि संत समाज की नजर में चंपत राय निर्दोष हैं। अगर सभी जांचों में वे बेदाग साबित होते हैं, तो उन्हें दोबारा महासचिव बनाया जाना स्वागत योग्य होगा। स्वामी राजकुमार दास ने कहा कि स्वर्गीय अशोक सिंहल के साथ और उनके बाद चंपत राय ने राम मंदिर आंदोलन और निर्माण में काफी योगदान दिया है। इसलिए उन्हें सम्मान मिलना चाहिए।












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