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बगैर ट्रायल के फैसला, मानवाधिकारों का हनन और कानून की अनदेखी

बगैर ट्रायल के फैसला,
मानवाधिकारों का हनन और कानून की अनदेखी

किसी का शासन हो, कोई फर्क नही पड़ता। संविधान का सम्मान होना चाहिये और मापदंड दोहरे नही होने चाहिये। अपराधियों मे खौफ हो और पुलिस का इकबाल बुलंद हो, जनता यही चाहती है। अपवाद हर जगह है और यहां भी अपवाद मिल जायेंगे। लेकिन यूपी पुलिस ने घटना के चार दिन बाद जिस बहादुरी से अंकित बालियोन हत्याकांड के आरोपियों को मार गिराया इससे पुलिस महकमे का सम्मान बढ़ा है और अपराधियों मे खौफ कायम हुआ है। शामली में हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान हत्याकांड में यूपी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 



पुलिस ने औद्योगिक थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे सुमित और मोहित को मार गिराया। दोनों हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले थे और उन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। शामली एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, सोमवार सुबह मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बाइक सवार दोनों आरोपियों को घेर लिया। 


पुलिस के अनुसार, खुद को घिरा देख दोनों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से करीब 20 राउंड फायरिंग हुई। गोली लगने से घायल सुमित और मोहित को पुलिस अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, पांच दिन पहले 26 अगस्त को सुमित और मोहित ने अपने दो अन्य साथियों सत्यम और आर्यन के साथ मिलकर जिम के बाहर अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या की थी। दोनों अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। 


आपको याद दिला दें शामली में 32 वर्षीय अंकित बालियान पर हमलावरों ने ताबड़तोड़ करीब 18 राउंड फायरिंग की थी। सिर और पेट में पांच गोलियां लगने के बाद अंकित सड़क पर गिर पड़ा। पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हत्या के बाद गुस्साए लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर दी। अंकित की मां बेटे का शव गोद में लेकर सड़क पर बैठ गईं। स्थिति को देखते हुए मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर और सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर जाम खुलवाया। 


अंकित गन कल्चर पर आधारित गानों के लिए भी जाना जाता था। उसका भरी कोर्ट में गोली मारेंगे गाना 15 फरवरी 2023 को रिलीज हुआ था, जिसके बाद वह हरियाणवी संगीत की दुनिया में चर्चित हुआ। हत्या के बाद हरियाणा के गोगी ग्रुप से जुड़े होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अंकित की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। उसने आरोप लगाया गया कि अंकित इस गैंग के दुश्मनों का साथ देता था और गोगी से जुड़ी घटना पर उसने गाना बनाया था। 


जबकि सिंगर भूपेंद्र ढींगरा ने सोशल मीडिया वीडियो के जरिए दावा किया था कि जिम में अंकित से उसका विवाद हुआ था और उसने शूटर बुलाकर उसकी हत्या करवाई। पुलिस इन दावों की जांच कर रही है। अंकित बालियान शामली के बंतीखेड़ा गांव का रहने वाला था और लंबे समय तक सोनीपत में रहा। पिछले कुछ महीनों से वह अपने परिवार के साथ गांव में रह रहा था। उसके पिता सतबीर रिटायर्ड फौजी हैं और मां अमरेश गृहिणी हैं। 


अंकित चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। बड़े भाई राजीव कोटा में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि बहनों रीना और रितु की शादी हो चुकी है। अंकित की शादी करीब छह साल पहले सीमा से हुई थी। सीमा दिल्ली में सरकारी टीचर हैं। दोनो के अभी कोई बच्चे नहीं थे। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों सत्यम और आर्यन की तलाश में जुटी है। अंकित के हत्यारों का एनकाउंटर हो इसकी मांग को लेकर पिता, किसान नेता टिकैत और तमाम फौजियों ने 5 दिन का अल्टीमेटम देते हुये बड़े आन्दोलन की चेतावनी दिया था। 


पांचवें दिन पुलिस टीम ने हत्यारापियों को मार गिराया। पुलिस की यह बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। अंकित बालियान हत्याकांड के आरोपियों को पुलिस ने मृत्यु दंड दिया, इससे कोई नाराज नही हुआ, लेकिन यदि यही संवैधानिक परंपराओं का पालन करके होता तो किसी की जुबान नही खुलती। दबी जुबान से लोग कहने को मजबूर हैं कि इस तरह अगर पुलिस ही दोष निर्दोष साबित करती रही तो कानून और अदालतों का क्या होगा। मामले का ट्रायल तो होना ही चाहिये था, बेशक टाइम बाउण्ड होता।- अशोक श्रीवास्तव संपादक

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