डायट प्राचार्य के खिलाफ शिक्षक लामबंद
बस्ती, 14 सितम्बर। डायट प्राचार्य एवं सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक संजय कुमार शुक्ल के कार्य-व्यवहार को लेकर शिक्षकों की नाराजगी मुखर हो गई है। उ.प्र. प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद सिंह एवं जिला मंत्री बालकृष्ण ओझा के नेतृत्व में सोमवार को संगठन के पदाधिकारियों और शिक्षकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
संगठन ने आरोप लगाया कि प्रशिक्षण एवं बैठकों के दौरान शिक्षकों के साथ कथित रूप से अमर्यादित व्यवहार किया जा रहा है और चेतावनी दी कि प्रभावी कार्रवाई न होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। संगठन ने विशेष रूप से 10 सितंबर 2026 को बहादुरपुर विकासखंड के समस्त प्रधानाध्यापकों के प्रशिक्षण के दौरान हुई एक घटना का उल्लेख करते हुए इसे गंभीर बताया है। शिक्षक संगठन के अनुसार बैठक में शौचालय एवं यूरिनल से जुड़े विषय को लेकर महिला शिक्षकों के साथ कथित रूप से अशोभनीय और अपमानजनक व्यवहार किया गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि महिला शिक्षिकाओं को यह कहकर अपमानित किए जाने का आरोप है कि उन्हें शौचालय का प्रयोग करना नहीं आता। इस घटना से महिला शिक्षिकाएं अत्यन्त आहत हुईं और कुछ शिक्षिकाएं भावुक होकर प्रशिक्षण कक्ष में ही रोने लगीं। संगठन ने कहा कि यह मामला केवल शिक्षकों के सम्मान तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला शिक्षकों की गरिमा, कार्यस्थल की मर्यादा तथा सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण से जुड़ा गंभीर विषय है। मांग की गई कि संजय कुमार शुक्ल के विरुद्ध उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराकर दोष पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से प्रवीण श्रीवास्तव, अखिलेश पाण्डेय, बब्बन पाण्डेय शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र शुक्ल शामिल रहे।

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