दरोगा की मौत का कारण बनी चारित्रिक दुर्बलता
बस्ती, 07 सितम्बर। एक युवती के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाना, उससे अश्लील चैटिंग करना दरोगा सूर्यप्रकाश सिंह की मौत का कारण बना। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुये सारा कच्चा चिट्ठा मीडिया के सामने रखा। इस मामले मे पुलिस ने मुख्य आरोपी युवती, उसका बाप और सहयोगी की भूमिका निभा रहे एक वकील को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। ये घटना लोगों के लिये कई मायनों में सबक है।
जनता की प्रतिक्रिया
दरोगा सूर्यप्रकाश सिंह सुसाइड केस का खुलासा होने के बाद जनता की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। लोगों का कहना है कि दरोगा ने निहायत कायराना हरकत की। पुलिस महकमे मे थे। उनके पास सारे संसाधन थे। चाहते तो सुसाइड कर अपनी जीवनलीला खत्म करने की बजाय युवती को बेनकाब करते और सच्चाई सबके सामने लाते। ऐसा न करके उन्होने परिवार समाज और विभागीय जिम्मेदारियों से भागना उचित समझा और लोकलाज से बचने की खातिर अपनी जान दे दी। हालांकि इसके बावजूद सारा कच्चा चिट्ठा सामने आ गया। बस अपना अपमान देखने के लिये वे खुद नही रहे।
यह भी जानिये
मुख्य आरोपी प्रियंका चौधरी पुत्री रामनयन निवासी साकिन गांधार थाना वाल्टरगंज जनपद बस्ती उम्र 32 वर्ष का उसके पति से 10 साल पहले से ही अलगाव हो गया है। वह मुम्बई में रहकर ब्यूटी पार्लर तथा स्पा सेन्टरो में काम करती है तथा पैसे वाले व्यक्तियों को अपने शारीरिक मोह जाल में फंसाकर उनका वीडियो आडियो बनाकर उनको हनी ट्रैप के जरिये वाटस्एप, वीडियो काल करके तथा चौटिंग करके ब्लैकमेल करके पैसे की डिमांड करती थी। इसके द्वारा अपने जाल में फंसायें हुए ग्राहको को वीडिओ काल पर अपने हाथ का नश काटकर खुन निकलता हुआ दिखाकर भावनात्मरुप से उन्हे भयभीत किया जाता था और मोटे रकम की धनउगाही की जाती थी।
सभी के लिये सबक
आर्थिके लेनदेन मे गड़बड़ी, चारित्रिक दुर्बलता तथा दूसरे के धन सम्पत्ति को हड़पने की नीयत के चलते ऐसे आपराधिक मामले मे सामने आ रहे हैं। दूसरी महिलाओं से संपर्क का परिणाम कभी बेहतर नही हुआ है। समय आने पर सारा कच्चा चिट्ठा सामने आ जाता है। मान सम्मान भी जाता है और थाना पुलिस कोर्ट का चक्कर अलग से लगाना पड़ता है। यदि हम अपने आचरण मे उपरोक्त गड़बड़ियां न आने दें तो सम्मानजनक तरीके से सिर उठाकर समाज मे जी सकेंगे और अपना परिवार भी खुश रख पायेंगे।















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