पुलिस ने पकड़ा नकली करेंसी छापने का कारखाना
3 हजार के बदले 10 हजार की करेंसी देकर करते थे ठगी
यूपी डेस्कः कानपुर पुलिस ने जाली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुये 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर इनके पास से 2 लाख 4 हजार 650 रुपए के नकली नोट बरामद किया है। इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड महज 5वीं पास है, जो किराए के कमरे में प्रिंटर और खास पेपर की मदद से 50, 100 और 500 रुपए के जाली नोट तैयार कर रहा था।
गिरफ्तार अभियुक्तों में उन्नव के बांगरमऊ का 52 वर्षीय शेर सिंह, बलरामपुर का 24 वर्षीय रोशन अली तथा जालौन का 36 वर्षीय सोमनाथ उर्फ सोमिल गुप्ता शामिल है। शेकर सिंह पर 4, रोशन अली पर 7 तथा सोमनाथ पर 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 100-100 रुपए के 1,991 नोट, 50 रुपए के 71 नोट और 500 रुपए के 4 नकली नोट जब्त किए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई रेल बाजार थाना पुलिस ने सटीक मुखबिरी के आधार पर की है।
गिरोह के सदस्य रेल बाजार इलाके में रामलीला मैदान के पास एक किराए का कमरा लेकर जाली नोट छापने की फैक्ट्री चला रहे थे। पुलिस ने जब वहां अचानक रेड मारी, तो मौके से तीनों आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा। कमरे की तलाशी लेने पर पुलिस को जाली नोटों के अलावा एक प्रिंटर, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला खास कागज, इंक कंटेनर, कैंची, पेपर कटर और तराजू जैसी सामग्री बरामद हुई है।
एसपी संकल्प शर्मा ने बताया कि गिरोह के लोग 3 हजार के असली नोट लेकर 10 हजार के नकली नोट देते थे जो भीड़भाड़ वाले बाजारों, छोटी दुकानों और खासकर कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन व आसपास के स्टेशनों पर खपाई जाती थी। स्टेशन पर यात्रियों की आपाधापी और दुकानदारों की जल्दबाजी का फायदा उठाकर ये आरोपी जाली करेंसी आसानी से चला देते थे। कानपुर पुलिस यह पता लगा रही है कि गिरोह नकली छापने मे कबसे सक्रिय था और अब तक कितनी करेंसी बाजार मे चलाई है।



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