दरोगा सुसाइड केस का खुलासाः
हनीट्रैप में फंसाकर दरोगा को बलैकमेल करती थी युवती
बस्ती, 06 सितम्बर। पुलिस ने दरोगा सूर्यप्रकाश सिंह सुसाइड केस का खुलासा करते हुये बाप बेटी और एक अधिवक्ता समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गिरफ्तार युवती द्वारा दरोगा को हनीट्रैप में फंसाकर एक करोड रूपये की डिमांड किये जाने का मामला सामने आया है। डीआईजी संजीव त्यागी ने प्रेस वार्ता के दौरान यह रहस्योद्घाटन किया।
डीआईजी ने बताया कि वकील विजय प्रकाश के जरिए युवती दरोगा को ब्लैकमेल करती थी। उसके पास आपत्तिजनक साक्ष्य थे जिसके दम पर दरोगा का लगातार मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सबूतों और कॉल रिकॉर्ड के आधार पर दावा किया है कि सूर्य प्रकाश सिंह आरोपियों के संपर्क में थे और घटना वाले दिन दोपहर 1ः41 बजे वकील विजय प्रकाश ने उन्हे आखिरी कॉल की थी। पुलिस का दावा है कि आरोपी महिला लोगों को हनीट्रैप में फंसाकर वीडियो कॉल और चैट के जरिए ब्लैकमेल करती थी।
उसने थानाध्यक्ष से शारीरिक संबंध भी बनाए थे। इसके बाद महिला अपने पिता और एक वकील की मदद से पैसे वसूलती थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को रविवार सुबह सदर अस्पताल के सामने से पकड़ा है। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान प्रियंका चौधरी, उसके पिता रामनयन चौधरी निवासी बावनपार थाना पैकोलिया और वकील विजय प्रकाश पुत्र भरतराम निवासी पिपरा काजी थाना पैकोलिया शामिल हैं। विधिक कार्यवाही करते हुए अभियुक्तों को जेल भेजा गया। पुलिस के अनुसार, जांच में अब तक सामने आया है कि इस गिरोह ने तीन और लोगों से लाखों रुपये वसूले थे।
इनमें डॉ. उमेश निवासी पुरैना थाना वाल्टरगंज से चार लाख रुपये, अहमद रजा निवासी जमदाशाही थाना वाल्टरगंज से पांच लाख रुपये और आर्यन दीक्षित जबलपुर मध्यप्रदेश से 15 लाख रुपये की वसूली का आरोप है। पुलिस का कहना है कि ऐसे और लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है, जो इस गिरोह के संपर्क में आए थे। डीआईजी संजीव त्यागी ने बताया कि वकील विजय प्रकाश के जरिए भी ब्लैकमेलिंग की बात सामने आई है।
पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सबूतों और कॉल रिकॉर्ड के आधार पर दावा किया है कि सूर्य प्रकाश सिंह आरोपियों के संपर्क में थे। पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन दोपहर 1ः41 बजे विजय प्रकाश ने सूर्य प्रकाश को आखिरी कॉल की थी। पुलिस का दावा है कि उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर सूर्य प्रकाश सिंह ने 29 अगस्त को अपने सरकारी घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। दरोगा स्व. सूर्यप्रकाश सिंह के बेटे संदीप सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताया है।
जनता की प्रतिक्रिया
दरोगा सूर्यप्रकाश सिंह सुसाइड केस का खुलासा होने के बाद जलता की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। लोगों का कहना है कि दरोगा ने निहायत कायराना हरकत की। पुलिस महकमे मे थे। उनके पास सारे संसाधन थे। चाहते तो सुसाइड कर अपनी जीवनलीला खत्म करने की बजाय युवती को बेनकाब करते और सच्चाई सामने लाते। ऐसा न करके उन्होने परिवार समाज और विभागीय जिम्मेदारियों से भागना उचित समझा और लोकलाज से बचने की खातिर अपनी जान दे दी। हालांकि इसके बावजूद सारा कच्चा चिट्ठा सामने आ गया।















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