देवरिया में पत्नी की गला घोंटकर हत्या, कमरे के बाहर खड़ी रही डायल 112 पुलिस Wife strangled to death in Deoria, police stood outside the room dialing 112
पुलिस का कारनामा अभी और भी है। पुलिस ने अगल बगल के लोगों को भी घर का दरवाजा नहीं तोड़ने दिया और ना ही घर के अन्दर जाने दिया जिससे हैवान पति अपनी पत्नी की जान लेकर ही माना। पुलिस की इस कायरता पूर्ण कार्यवाही का स्थानीय लोगों ने जबरदस्त विरोध किया और डायल 112 की पुलिस को एक घंटे तक बंधक बनाए रखा। बाद में एडीशनल एसपी के नेतृत्व में कई थानों की फोर्स ने मौके पर पहुंच कर डायल 112 पुलिस को मुक्त कराया तथा स्थिति को सम्हाला। मामला जिले के गौरी बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम तेंदुबारी की है। पुलिस इस संबंध में आरोपित पति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक दीपेंद्र नाथ चौधरी ने शुक्रवार को भोर में करीब तीन बजे बताया कि रनजीत श्रीवास्तव उम्र करीब अठाईस साल का उसकी पत्नी सोनम श्रीवास्तव उम्र करीब चौबीस साल के साथ विवाद चल रहा था। गुरुवार को रात्रि करीब आठ बजे दोनों में मारपीट की घटना हुई थी। परिवार वालों से मिली जानकारी के अनुसार पत्नी तलाक़ चाहती थी। जबकि पति तलाक़ नहीं देना चाहता था। उनका तीन साल का एक बेटा भी है। आए दिन इसको लेकर पति पत्नी में विवाद होता रहता था। अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इसी बात पर गुस्से में आकर शुक्रवार को ही रात में करीब दस बजे आरोपी ने पत्नी की गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी।
दुसरी तरफ ग्रामीणो का आरोप है कि मृतक सोनम श्रीवास्तव ने पुलिस के डायल 112 पर सूचना दी थी। जिस पर पुलिस आई और घर के बाहर चुपचाप खड़ी रही। अन्दर पत्नी आखिरी सांस तक चिल्लाती रही और दरवाजे के बाहर खड़ी डायल 112 की पुलिस दरवाजा तोड़ंने की हिम्मत नहीं जुटा सकी और ग्रामीणों को भी दरवाजा तोड़ने से मना कर दिया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पीआरवी को घेर लिया। एक घंटे बाद अतिरिक्त पुलिस फोर्स ने पहुँच कर स्थिति को संभाला। मामले की सूचना मिलने पर एडिशनल एस पी पहुंचे एवं ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। इस संबंध में एडिशनल एसपी श्री चौधरी ने कहा कि आरोपी पुलिस की हिरासत में है और पुलिस अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के आरोपों पर दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध जांच कर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। लेकिन पुलिस के घटनास्थल पर उपस्थित रहने के बावजूद भी हत्या की घटना का घटित हो जाना अपने आप में कहीं न कहीं जिले की पुलिस की साहस, सक्रियता और संवेदनशीलता पर ज्वलंत प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहा है। क्या देवरिया जिले के ईमानदार व सरल पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा इन लापरवाह एवं असंवेदनशील पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई कर मृतक के तीन वर्षीय मासूम बेटे को न्याय दिलाने का काम करेंगे।












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