गैंगरेप मामले में गवाह को जिंदा जलाया, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
यूपी डेस्कः मैनपुरी में रविवार देर शाम पत्नी से गैंगरेप के गवाह पति को खेत में जिंदा जलाकर मार दिया गया था। आरोपियों ने पहले युवक को फोन करके खेत में बुलाया। उस पर केस वापस लेने का दबाव बनाया। न मानने पर उसकी पिटाई की। फिर डीजल डालकर आग लगा दी। आरोपियों के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला चल रहा था। 20 फरवरी को मामले में सुनवाई होनी थी। जिसमें घटना के अहम गवाह पीड़िता के पति का बयान दर्ज होना था। इससे पहले ही आरोपियों ने उसे जिंदा जलाकर मार दिया।
पीड़िता ने बताया, मेरी मां पूर्व प्रधान भोला यादव के घर में खाना बनाने का काम करती थी। साल 2022 में होली के दूसरे दिन मां की तबीयत खराब हो गई तो वह खाना बनाने नहीं गई। भोला यादव ने घर आकर मुझसे बिरयानी बनाने को कहा। शुरुआत में मैंने मना कर दिया, क्योंकि मां घर पर नहीं थी, लेकिन बाद में प्रधान के बेटे के आग्रह पर मैं उनके घर चली गई। खाना बनाने के दौरान आरोपियों ने कोल्ड ड्रिंक में शराब मिलाकर मुझे पिला दी और छेड़खानी करने लगे।
मैं किसी तरह आरोपियों से पीछा छुड़ाकर अपने घर चली आई। शाम को मेरा भाई आरोपियों के घर गया और कहा कि मेरी बहन के साथ क्या किया है, आरोपियों ने कहा, हम प्रधान हैं, तू हमसे सवाल पूछेगा। उन्होने मेरे भाई को बुरी तरह पीटा। घटना के अगले दिन मैं सुबह में थाने में रिपोर्ट लिखाने जा रही थी। बीच रास्ते में भोला यादव और उसके साथियों ने मुझे जबरन कार में बिठा लिया और अगवा करके ले गए। 4 महीने 10 दिन तक मुझे बंधक बनाकर रखा और 5-6 लोगों ने मेरे साथ कई बार गैंगरेप किया।
इस दौरान मेरे परिजनों ने एसपी कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। इलाहाबाद और लखनऊ में कई जगहों पर शिकायत की। पुलिस आरोपियों के घर की कुर्की करने जा रही थी। तब जाकर भोला यादव ने मेरी आंख में पट्टी बांधकर एक पुल पर लाकर छोड़ दिया। पीड़िता ने बताया, ’आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद मैं दोबारा रिपोर्ट लिखाने भोगांव थाने पहुंची तो पुलिसकर्मी रवींद्र बहादुर ने रिपोर्ट लिखने से मना कर दिया और कागज फेंक दिया।
मैं लखनऊ चली आई और अपने वकील की मदद से हाईकोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया, जिस पर 20 फरवरी को सुनवाई होनी थी। आरोपियों ने परिवार को धमकाना शुरू कर दिया। आरोपी 20 लाख रुपए का लालच दे रहे थे। पति ने बयान बदलने से इनकार कर दिया। पीड़िता ने कहा, भोला यादव के एक साथी को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा था। दो महीने में ही पैसे लेकर जमानत देकर छोड़ दिया। वह पुलिस को पैसे देकर खुलेआम बाहर घूम रहा है। पीड़िता ने कहा, हमारे पति के हत्यारों को फांसी की सजा हो।’ अपर पुलिस अधीक्षक राहुल मिठास ने बताया, ये पुराना मामला है, मुझे पूरी जानकारी नहीं है। जो भी सबूत सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई होगी।















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