Type Here to Get Search Results !

Bottom Ad

भारतीय संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रीयता का प्रचार प्रसार करता है विद्या भारती- डा. मालवीय



भारतीय संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रीयता का प्रचार प्रसार करता है विद्या भारती- डा. मालवीय 

बस्ती, 01 सितम्बर। विद्या भारती के क्षेत्रीय मंत्री डा. सौरभ मालवीय ने कहा अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान आज देश के सबसे बड़े शैक्षणिक आंदोलनों में से एक है, जो गुणवत्तापूर्ण संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान कर रहा है। विद्या भारती मूल्य-आधारित शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में संलग्न है। विद्या भारती का मूल उद्देश्य भारतीय संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रीयता का प्रचार प्रसार करना है। 


डा. मालवीय रविवार को सरस्वती विद्या मन्दिर रामबाग बस्ती में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होने कहा 1952 में गोरखपुर में एक विद्यालय से प्रारंभ होकर यह संस्था आज 684 जिलों में 12,118 विद्यालयों का संचालन कर रही है। भारत की सीमाएँ पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, चीन और म्यांमार से लगती हैं, और इन 127 सीमावर्ती जिलों के 167 विकास खण्डों में विद्या भारती ने 211 विद्यालय स्थापित किए हैं। इसके अतिरिक्त, संस्था देशभर में 8,000 से अधिक अनौपचारिक शिक्षा केन्द्र भी संचालित कर रही है, जो समाज के वंचित वर्ग को निःशुल्क शिक्षा सुविधा प्रदान कर रहे हैं। 


वर्तमान में 35.33 लाख से अधिक छात्र- छात्राएं विद्या भारती के स्कूलों में अध्ययनरत हैं और उन्हें 1.53 लाख से अधिक शिक्षक शिक्षित कर रहे हैं। इससे समाज को प्रेरणा मिलती है और विद्यार्थी, शिक्षक तथा अभिभावक सभी को गर्व की अनुभूति होती है। विद्या भारती गोरक्ष प्रान्त के विभिन्न विद्यालयों के पूर्व छात्र प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सक, वैज्ञानिक, अभियंता,  आई.टी. क्षेत्र, व्यवसायी, अधिवक्ता, शिक्षक आदि के दायित्व में समाज के विभिन्न क्षेत्र में अपना योगदान दे रहे हैं।


विद्या भारती का संकल्प है सभी तक शिक्षा पहुंचे विशेष कर जनजातीय क्षेत्र सीमावर्ती जिलों और शहरी सेवा बस्तियों में रहने वाले बच्चों के लिए सस्ती और सुलभ शिक्षा की व्यवस्था हो। संस्था शिक्षा को केवल शैक्षणिक प्रक्रिया ना मानते हुए उसे राष्ट्र जागरण का मिशन मानती है। वर्तमान में 507 से अधिक विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब्स की स्थापना की जा चुकी है। सामाजिक समरसता और एकता को बढ़ावा देना विद्या भारती का मुख्य उद्देश्य है। यह संगठन सभी सामाजिक वर्गों के लिए शिक्षा को सुलभ और समावेशी बनाने के लिए कार्य करता है।  


2024 25 में 5.2 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया गया, 1827 स्कूलों में जल संरक्षण के प्रयास हुए 3,939 स्कूलों में ऊर्जा बचत गतिविधियाँ चलाई गई और 2,790 स्कूलों में कचरा प्रबंधन अभियान चलाए गए। छात्रों और आचार्यों ने मिलकर 1,643 स्कूलों में इको- क्लब का नेतृत्व किया, 1,209 औषधीय बगीचे तैयार किये और 3,408 स्कूल परिसरों को हरित एवं पालीथीन मुक्त घोषित किया गया। विद्या भारती विद्यार्थियों को ज्ञानवान, चरित्रवान, प्रखर राष्ट्रभक्त बनाने में सतत सक्रिय रहने के साथ ही देश की आपदा की किसी भी परिस्थिति में सहयोग के लिए तत्पर रहा है। डा. मालवीय ने कहा हम समाज के सभी वर्गों से आवाहन करते हैं कि वह इस प्रयास में सहभागी बनें, जिससे राष्ट्र की आवश्यकता अनुसार व्यक्तियों का निर्माण हो और राष्ट्र विकसित और आत्मनिर्भर बने। 

Post a Comment

0 Comments

Below Post Ad

GAUTAM BUDDH

 

SHARMA

 

BD GLOBAL
CMPM

 

SP AUTO
KRISHNA
PATEL S.M.H.
ST. JOSEPH
DRMS

Bottom Ad