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वेदवाणी संस्कृत जरूर सीखना चाहिए यह सभी भाषाओं की जननी है- राजेश प्रताप सिंह



वेदवाणी संस्कृत जरूर सीखना चाहिए यह सभी भाषाओं की जननी है- राजेश प्रताप सिंह

बस्ती 02 अगस्त। ’भारतीय शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परम्परा का संयोजन किया गया है। इससे देश और दुनिया का नेतृत्व करने वाले योग्य मनुष्य प्राप्त होंगे’। भारतीय शिक्षा बोर्ड भारत में एक स्वदेशी तथा आधुनिक शिक्षा प्रणाली के निर्माण हेतु प्रख्यात भारतविदों, राजनेताओं, विचारकों और शिक्षाविदों द्वारा दशकों से किए जा रहे निरंतर और निस्वार्थ प्रयासों का परिणाम है। 


बस्ती जनपद में इसके विस्तार के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक जगदीश प्रसाद शुक्ल के नेतृत्व में जिले के वित्तविहीन विद्यालयों की एक बड़ी बैठक का आयोजन राजकीय कन्या इण्टर कालेज में आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि अखिलेश सिंह, मंडलायुक्त बस्ती ने दीप प्रज्वलन से किया। इसके पश्चात विद्यालय की बालिकाओं द्वारा सरस्वती वन्दना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि अखिलेश सिंह ने कहा कि शिक्षा प्रणाली ही किसी देश की संस्कृति के उत्थान का मुख्य स्रोत होती है। 


आशा है कि इस बोर्ड की शिक्षा पद्धति से भारतीयता के पोषक नागरिकों का निर्माण होगा। यह शिक्षा पद्धति हमें संस्कृत से भारतीय संस्कृति की ओर ले जाने वाली सिद्ध होगी और श्रेयस और प्रेयस में संतुलन बनाने वाली सिद्ध होगी। बोर्ड के चेयरमैन डॉ- एन-पी- सिंह ने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में आधुनिक शिक्षा में भारतीय ज्ञान परम्परा का संयोजन किया गया है इससे देश और दुनिया का नेतृत्व करने वाले योग्य नागरिक प्राप्त होंगे। 


स्वामी दयानंद, स्वामी विवेकानंद, अरबिंदो, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर और महात्मा गांधी जैसे महान देशभक्तों, विचारकों और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं को इस बात की चिंता थी कि मैकाले की विरासत पर आधारित शिक्षा प्रणाली में पली-बढ़ी भारतीय पीढ़ियाँ भारत की समृद्ध संस्कृति और ज्ञान प्रणालियों की गौरवशाली प्राचीन विरासत से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं। भारत के बच्चे स्कूली किताबें पढ़कर बड़े हुए हैं, जो भरत को एक ओर तो सदियों से भौतिक रूप से श्रेष्ठ राष्ट्रों के अधीन रहे एक कमज़ोर और बौद्धिक रूप से पिछड़े राष्ट्र की कहानी कहती हैं।


बोर्ड के सचिव राजेश प्रताप सिंह ने कहा कि हमें वेदवाणी संस्कृत सीखना चाहिए जो सभी भाषाओं की जननी है। अतिथियों का परिचय बोर्ड के गोरखपुर, बस्ती एव आजमगढ़ मण्डल के समन्वयक उपेन्द्र प्रसाद द्विवेदी ने कराया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए शिक्षिका मानवी सिंह ने भारतीय शिक्षा बोर्ड के महत्व पर प्रकाश डाला। अंत में जिला विद्यालय निरीक्षक जगदीश प्रसाद शुक्ल ने कहा कि इस बोर्ड को हर विद्यालय का बोर्ड बनाने के लिए प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक और ओम प्रकाश आर्य जिला प्रभारी भारत स्वाभिमान समिति बस्ती ने अतिथियों का अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डॉ वीरेन्द्र त्रिपाठी, जिला समन्वयक भारतीय शिक्षा बोर्ड बस्ती यूनिट बस्ती, डॉ नवीन सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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