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एबीवीपी ने मसाल यात्रा निकालकर जताया विरोध, 5 मागों पर अड़े प्रदर्शनकारी



एबीवीपी ने मसाल यात्रा निकालकर जताया विरोध, 5 मागों पर अड़े प्रदर्शनकारी

बस्ती, 06 सितम्बर। बाराबंकी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं पर हुए बर्बर लाठीचार्ज और श्रीरामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय की अवैध गतिविधियों के विरोध मे शुक्रवार को बस्ती जिले में कार्यकर्ताओं ने मसाल यात्रा निकालकर प्रशासन को कठोर चेतावनी दी। यह यात्रा बस्ती विभाग कार्यालय से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए शक्ति चौक तक पहुंची। 


सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मशालें लेकर नारेबाज़ी करते हुए कहा कि छात्रों की आवाज़ दबाने की किसी भी साजिश को परिषद कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। अभाविप ने स्पष्ट किया कि यदि दोषियों पर त्वरित कार्यवाही नहीं की गई तो आंदोलन और उग्र होगा। परिषद ने इस प्रकरण को लेकर अपनी चार प्रमुख माँगें रखीं। इनमे लाठीचार्ज घटना में शामिल पुलिसकर्मियों और बाहरी गुंडों पर मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तार किया जाए। किसके आदेश पर लाठीचार्ज हुआ, अतिशीघ्र सार्वजनिक किया जाए। विधि छात्रों के वर्तमान और भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ की पूर्ण, तथ्यात्मक जांच की जाए। 


नवीनीकरण व अनुमति के बिना अवैध संचालन, विलम्ब शुल्क और अन्य मदों में की गई आर्थिक वसूली तथा पूरे प्रकरण में संलिप्त प्रशासनिक अधिकारियों को दंडित किया जाए। जब तक जांच पूरी न हो, विश्वविद्यालय को तत्काल सील किया जाए। उच्च शिक्षा परिषद के सचिव द्वारा दर्ज की गई एफआईआर पर शीघ्र कार्यवाही की जाए। विश्वविद्यालय के चांसलर, वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार सहित अन्य दोषियों को गिरफ्तार किया जाए। सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को तुरंत हटाया जाए। 25 अगस्त 2025 को तहसीलदार कोर्ट ने विश्वविद्यालय पर ₹27.96 लाख का जुर्माना लगाते हुए 15 दिन में कब्जा हटाने का आदेश दिया है। समयसीमा पूर्ण होते ही बुलडोजर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। अभाविप कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह संघर्ष केवल छात्रहित के लिए ही नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचार और अवैधता से मुक्त करने का आंदोलन है।

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