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हैरान कर देंगे आत्महत्या के आंकड़े, गोरखपुर जोन मे सबसे ज्यादा 633 मामले बहराइच के



हैरान कर देंगे आत्महत्या के आंकड़े,
गोरखपुर जोन मे सबसे ज्यादा 633 मामले बहराइच के

बस्ती, 10 दिसम्बर। देश में आत्महत्या के आंकड़े हैरान करने वाले हैं। पिछले तीन सालों के आंकड़ों की तुलनात्मक समीक्षा पैरों तले आपकी ज़मीन खिसका देगी। खास तौर से देखा जाये तो कोराना काल के बाद लोगों मे आत्महत्या की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। आत्महत्या सबसे बड़ा अपराध है, यह जानकर भी निराशावादी लोग अपनी जीवनलीला खत्म कर रहे हैं। इसे किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता। ताबड़तोड़ हो रही आत्महत्याओं को लेकर सरकार या जिला प्रशासन ने कोई गभीरता नही दिखाई। 

कारणों का पता लगायेगी पुलिस
चिन्हित होंगे सबसे ज्यादा आत्महत्या वाले थाना क्षेत्र

इसे रोकने के लिये या आत्महत्या को हतोत्साहित करने के लिये किये जाने वाले प्रयास बिलकुल ही नाकाफी हैं। सामाजिक संगठनों ने सबसे ज्यादा निराश किया है। अपर पुलिस महानिरीक्षक गोरखपुर जोन (ए.डी.जी. जोन) के कार्यालय से आत्महत्या के आंकडे जारी होने पर एक बार फिर इस पर बहंस छिड़ना लाजिमी है। जारी किये गये पत्र में जोन के सभी पुलिस अधीक्षकों से आत्महत्या के कारणों, स्त्री पुरूष की अलग अलग संख्या, आत्महत्या के कारणों, विवाहित, अविहित, सर्वाधिक आत्महत्या वाले थाना क्षेत्र सहित कई अन्य महत्वपूएार् जानकारियों पर रिपोर्ट मांगी गई है। देखा जाये तो यह एक सराहनीय पहल है। इससे आत्महत्या के कारणों की जानकारी मिलेगी और इसे रोकने अके लिये सही दिशा में प्रयास शुरू किया जा सकेगा।


गोरखपुर जोन मे हैं ये जिले

बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, गोण्डा, बलरामपुर, महराजगंज, बहराइच, श्रावस्ती आदि जिले गोरखपुर जोन में आते हैं। इन जिलों के 2021 से अब तक के आंकड़े जारी किये गये हैं जिन पर हम आपका ध्यान आकृष्ट करायेंगे।


बस्ती जिले में आत्महत्या

बस्ती जिले में साल 2021 में 44 पुरूष, 26 महिलायें (योग 70), 2022 में 64 पुरूष 41 महिलायें (योग 105), 2023 में 56 पुरूष 39 महिलायें (योग 95), 2024 में 59 पुरूष 43 महिलायें (योग 102), तथा 2025 में 21 नवम्बर तक 53 पुरूषों तथा 45 महिलाओं (योग 98), ने निराश होकर अपनी जीवनलीला खत्म कर लिया। जोड़ने पर 2021 से 21 नवम्बर 2025 तक यह संख्या कुल 470 होती है। इनमे 276 पुरूष तथा 194 (योग 470), महिलायें हैं।


संतकबीर नगर जिले मे आत्महत्या

जिले में साल 2021 में 12 पुरूष, 13 महिलायें (योग 25), 2022 में 22 पुरूष 12 महिलायें (योग 34), 2023 में 27 पुरूष 31 महिलायें (योग 58), 2024 में 32 पुरूष 22 महिलायें (योग 54), तथा 2025 में 21 नवम्बर तक 38 पुरूषों तथा 42 महिलाओं (योग 80), ने निराश होकर अपनी जीवनलीला खत्म कर लिया। जोड़ने पर 2021 से 21 नवम्बर 2025 तक यह संख्या कुल 251 होती है। इनमे 131 पुरूष तथा 120 महिलायें हैं।


सिद्धार्थ नगर जिले मे आत्महत्या

जिले में साल 2021 में 20 पुरूष, 18 महिलायें (योग 38), 2022 में 30 पुरूष 25 महिलायें (योग 55), 2023 में 33 पुरूष 26 महिलायें (योग 59), 2024 में 47 पुरूष 34 महिलायें (योग 81), तथा 2025 में 21 नवम्बर तक 54 पुरूषों तथा 41 महिलाओं (योग 95), ने निराश होकर अपनी जीवनलीला खत्म कर लिया। जोड़ने पर 2021 से 21 नवम्बर 2025 तक यह संख्या कुल 328 होती है। इनमे 184 पुरूष तथा 144 महिलायें हैं।


गोरखपुर जिले मे आत्महत्या

जिले में साल 2021 में 56 पुरूष, 40 महिलायें (योग 96), 2022 में 68 पुरूष 33 महिलायें (योग 101), 2023 में 80 पुरूष 41 महिलायें (योग 101), 2024 में 83 पुरूष 48 महिलायें (योग 131), तथा 2025 में 21 नवम्बर तक 96 पुरूषों तथा 43 महिलाओं (योग 139), ने निराश होकर अपनी जीवनलीला खत्म कर लिया। जोड़ने पर 2021 से 21 नवम्बर 2025 तक यह संख्या कुल 588 होती है। इनमे 383 पुरूष तथा 205 महिलायें हैं।


कुशीनगर जिले मे आत्महत्या

जिले में साल 2021 में 16 पुरूष, 12 महिलायें (योग 28), 2022 में 21 पुरूष 19 महिलायें (योग 40), 2023 में 24 पुरूष 15 महिलायें (योग 39), 2024 में 29 पुरूष 23 महिलायें (योग 52), तथा 2025 में 21 नवम्बर तक 33 पुरूषों तथा 24 महिलाओं (योग 57), ने निराश होकर अपनी जीवनलीला खत्म कर लिया। जोड़ने पर 2021 से 21 नवम्बर 2025 तक यह संख्या कुल 216 होती है। इनमे 123 पुरूष तथा 93 महिलायें हैं।


देवरिया जिले मे आत्महत्या

जिले में साल 2021 में 18 पुरूष, 11 महिलायें (योग 29), 2022 में 38 पुरूष 23 महिलायें (योग 61), 2023 में 44 पुरूष 25 महिलायें (योग 69), 2024 में 34 पुरूष 29 महिलायें (योग 63), तथा 2025 में 21 नवम्बर तक 34 पुरूषों तथा 36 महिलाओं (योग 70), ने निराश होकर अपनी जीवनलीला खत्म कर लिया। जोड़ने पर 2021 से 21 नवम्बर 2025 तक यह संख्या कुल 293 होती है। इनमे 168 पुरूष तथा 124 महिलायें हैं।


महाराजगंज जिले मे आत्महत्या

जिले में साल 2021 में 33 पुरूष, 39 महिलायें (योग 72), 2022 में 42 पुरूष 52 महिलायें (योग 94), 2023 में 52 पुरूष 46 महिलायें (योग 98), 2024 में 47 पुरूष 46 महिलायें (योग 93), तथा 2025 में 21 नवम्बर तक 54 पुरूषों तथा 45 महिलाओं (योग 99), ने निराश होकर अपनी जीवनलीला खत्म कर लिया। जोड़ने पर 2021 से 21 नवम्बर 2025 तक यह संख्या कुल 456 होती है। इनमे 228 पुरूष तथा 228 महिलायें हैं।


गोण्डा जिले मे आत्महत्या

जिले में साल 2021 में 28 पुरूष, 23 महिलायें (योग 51), 2022 में 32 पुरूष 47 महिलायें (योग 79), 2023 में 27 पुरूष 35 महिलायें (योग 62), 2024 में 45 पुरूष 31 महिलायें (योग 76), तथा 2025 में 21 नवम्बर तक 61 पुरूषों तथा 45 महिलाओं (योग 106), ने निराश होकर अपनी जीवनलीला खत्म कर लिया। जोड़ने पर 2021 से 21 नवम्बर 2025 तक यह संख्या कुल 374 होती है। इनमे 193 पुरूष तथा 181 महिलायें हैं।


बलरामपुर जिले मे आत्महत्या

जिले में साल 2021 में 14 पुरूष, 17 महिलायें (योग 31), 2022 में 22 पुरूष 30 महिलायें (योग 52), 2023 में 21 पुरूष 27 महिलायें (योग 48), 2024 में 30 पुरूष 34 महिलायें (योग 64), तथा 2025 में 21 नवम्बर तक 30 पुरूषों तथा 36 महिलाओं (योग 66), ने निराश होकर अपनी जीवनलीला खत्म कर लिया। जोड़ने पर 2021 से 21 नवम्बर 2025 तक यह संख्या कुल 261 होती है। इनमे 117 पुरूष तथा 144 महिलायें हैं।


बहराइच जिले मे आत्महत्या

जिले में साल 2021 में 47 पुरूष, 69 महिलायें (योग 116), 2022 में 59 पुरूष 65 महिलायें (योग 124), 2023 में 65 पुरूष 58 महिलायें (योग 123), 2024 में 74 पुरूष 65 महिलायें (योग 136), तथा 2025 में 21 नवम्बर तक 73 पुरूषों तथा 61 महिलाओं (योग 134), ने निराश होकर अपनी जीवनलीला खत्म कर लिया। जोड़ने पर 2021 से 21 नवम्बर 2025 तक यह संख्या कुल 633 होती है। इनमे 335 पुरूष तथा 298 महिलायें हैं।


श्रावस्ती जिले मे आत्महत्या

जिले में साल 2021 में 22 पुरूष, 13 महिलायें (योग 35), 2022 में 13 पुरूष 14 महिलायें (योग 27), 2023 में 20 पुरूष 16 महिलायें (योग 36), 2024 में 33 पुरूष 23 महिलायें (योग 56), तथा 2025 में 21 नवम्बर तक 27 पुरूषों तथा 36 महिलाओं (योग 63), ने निराश होकर अपनी जीवनलीला खत्म कर लिया। जोड़ने पर 2021 से 21 नवम्बर 2025 तक यह संख्या कुल 217 होती है। इनमे 115 पुरूष तथा 102 महिलायें हैं।


तुलनात्मक दृष्टि से

साल 2021 से 21 नवम्बर 2025 तक जोन के 11 जिलों में सबसे ज्यादा बहराइच मे 633 लोगों ने सुसाइड किया जबकि सबसे कम 216 कुशीनगर मे। 588 के आंकड़े के साथ गोरखपुर दूसरे नम्बर पर और बस्ती 470 के आंकड़े के साथ तीसरे नम्बर पर है। इसके बाद क्रमशः श्रावस्ती मे 217, संतकबीरनगर मे 251, बलरामपुर मे 261, देवरिया में 292, सिद्धार्थनगर मे 328, गोण्डा मे 374, महराजगंज मे 456 लोगों ने जिंदगी से निराश होकर मौत को गले लगा लिया।


निष्कर्ष

मनुष्य के जीवन में समस्यायें आती हैं। किसी के हिस्से मे सम्पूर्ण सुख और किसी के हिस्से मे सम्पूर्ण दुख नही होता। समस्याओं का समाधान ढूढ़ा जा सकता है। समस्याओं को अपने निकट के लोगों से साझा करना चाहिये। दुनिया मे कोई अकेला नही है और न ही कोई ऐसा है जिसे कोई न चाहता हो। कोई तो अपना होगा, न हो तो अपना बनाइये और उससे समस्यायें साझा कीजिये। कोई रास्ता निकल आयेगा। आत्महत्या किसी कीमत पर आखिरी विकल्प नही है। व्यक्ति जब समस्याओं से घिर जाता है तो एक रास्ता बिलकुल बंद नजर आता है जब लोग आत्मघाती कदम उठा लेते हैं।


लेकिन दूसरे रास्ते पर अनंत संभावनायें होती हैं, उन्हे देखने और उन संभावनाओं तक पहुंचने के लिये अलग दृष्टि की जरूरत होती है। अपनी जीवनलीला खत्म करने से परिवार और चाहने वालों पर पहाड़ टूट पड़ता है। आत्मघाती कदम उठाने वाला दुनिया से चला जाता है लेकिन अपने पीछे असहनीय पीड़ा और अपूर्णनीय क्षति छोड़ जाता है जिसकी भरपाई नही हो सकती। समस्याग्रस्त होने पर एक बांर आंखें बंद करके सोचें आप किसलिये बने हैं आप परिवार समाज और देश के लिये बहुत अच्छे नागरिक बन सकते हैं। याद रहे मनुष्य से ज्यादा सक्षम कोई नही है मनुष्य हर समस्या का समाधान ढूढ़ सकता है इसलिये समस्या बनने की बजाय समाधान बनने की कोशिश जारी रखिये।








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