स्वदेशी व्यापार मेले में मंच लगाकर
हुआ अश्लील डांस, प्रशासन मौन
बस्ती, 05 जनवरी। सक्सेरिया इण्टर कालेज ग्राउण्ड में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ‘‘स्वदेशी व्यापार मेले की शुरूआत हुई। बस्ती की जनता और बिगडैल लौन्डों को प्रेरित करने वाली इस प्रदर्शन का उद्घाटन भाजपा अध्यक्ष विवेकानंद मिश्रा ने किया। पुलिस भी मजे ले रही है।
यहां याद दिलाना जरूरी है बस्ती में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अगले तीन माह तक निषेधाज्ञा लागू की गई है। इसमें बिना अनुमति के सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ जुटाने, हथियारों के प्रदर्शन और वर्ग विशेष के बैनर लगाने पर रोक लगाई गई है। प्रदर्शनी को सांस्कृतिक आयोजन बताकर अनुमति ली गई है या फिर नग्नता परोसने के लिये। न सुरक्षा के इंतजाम और न ही ट्राफिक मैनेजमेन्ट, प्रदर्शनी पर जिला प्रशासन क्यों इतना मेहरबान है समझ से परे है।
नग्नता, अश्लीलता, फूहडता परोस कर पैसा कमाने का नया ट्रेंड चल पड़ा है। चाहे सोशल मीडिया हो या फिर सार्वजनिक स्थानों पर नग्न प्रदर्शन, इसके जरिये लोग आसानी से फेमस हो रहे हैं और खूब पैसा कमा रहे हैं। युवा पीढ़ी इसी चक्कर में बरबाद हो रही है। बस्ती के सक्सेरिया इन्टर कालेज में लगे स्वदेशी मेले के उद्घाटन अवसर पर स्टेज शो के लिये बुलाई गई दो भोजपुरी नर्तकियों ने बस्ती के युवाओं के सामने मंच पर ऐसी नग्नता और फूहड़ता परोसी कि कभी भी बवाल हो सकता था।
अश्लील इशारे देख हर किसी को डर था कि बस्ती के दिलफेंक टाइप के युवा कहीं मंच पर चढ़कर नर्तकी का हाथ न पकड़ लें। उतावलापन, अराजकता सब आसमान पर थी। वह भी तब जब सुरक्षा के इंतजाम न हों। हालांकि दर्जनों बाउंसर लगाकर प्रदर्शनी का आयोजक तमाशबीन बना रहा। लेकिन बवाल बढ़ने पर बाउंसर नर्तकियों की सुरक्षा करते न कि बस्ती की कानून व्यवस्था संभालते। बस्ती जिला प्रशासन ने धारा 144 लागू होने के बाद किन सुरक्षा मानकों पर प्रदर्शनी लगाने की अनुमति दी हमे नही मालूम लेकिन प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही साफ तौर पर देखी गयी।
कालेज ग्राउण्ड मे लगी फूहड़ प्रदर्शनी मे उद्घाटन वाले दिन हजारों की संख्या मे लोग नर्तकियों को देखने पहुंचे। पहले 50 रूपया और बाद मे फूहडता देखने वालों की भीड़ बढ़ी तो प्रदर्शनी मे एण्ट्री के लिये फीस बढ़ाकर 100 रूपया कर दिया गया। पता चल रहा है नारी शक्ति इवेन्ट प्लानर की ओर से आयोजित प्रदर्शनी की अनुमति सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर ली गयी और अश्लील डांस करवाया गया।
इसी मंच पर इससे पहले स्कूली बच्चों का डांस कम्पटीशन करवाया गया। इसका प्रचार कई दिनों से चल रहा था। फिलहाल ऐसे अश्लील डांस और अराजकतापूर्ण आयोजनों से नारी शक्ति को आयोजक कितना मजबूत कर पायेंगे ये वही जानें लेकिन समाज मे सार्वजनिक नग्नता फैलाने से रोकना जरूरी है जिसकी जिम्मेदारी आयोजक और स्थानीय प्रशासन की है। हालांकि कुछ युवा कह रहे थे कि ऐसे आयोजन रोज होने चाहिये। वहीं कुछ लोग ये भी कह रहे थे पैसा हो तो आप कुछ भी कर सकते हैं।













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