ऑडियो वीडियो वायरल होने के बाद
उत्तराखण्ड की जनता सड़कों पर उतरी, अंकिता हत्याकांड से जुड़े
वीआईपी का नाम उजागर करने की मांग
ऑडियो और वीडियो के वायरल होने के बाद से ही लोग सीबीआई जांच करने की मांग कर रहे हैं जिससे उस वीआईपी का नाम सामने आये जिसे स्पेशल सर्विस देने का अंकिता भंडारी पर दबाव बनाया गया था और इनकार करने पर उसकी निर्मम हत्या कर दी गयी। वीआईपी की गिरफ्तारी समेत अन्य मांगों को लेकर देहरादून में जनता सड़क पर उतरी है। रविवार को हजारों प्रदर्शनकारियों ने पहले परेड ग्राउंड में एक सभा की। इसके बाद अपनी मांगों के लिए सीएम आवास घेरने निकल पड़े। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सीएम आवास से करीब दो किलोमीटर पहले ही रोक दिया।
विपक्षी दलों के प्रतिनिधियो का कहना है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में नए आरोप लगने के बाद अब मामले की फिर से जांच करना जरूरी है। ये घटना 2022 की है। मई 2025 में कोर्ट ने तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। पुलकित आर्य के पिता विनोद आर्य भाजपा के पूर्व नेता थे, जिन्हें पार्टी ने 2022 में ही निष्कासित कर दिया था। उत्तराखण्ड की जनता और कांग्रेस पार्टी मामले की जांच कराकर उस वीआईपी का नाम उजागर करने की मांग कर रही है जिसे विशेष प्रकार की सेवायें देने के लिये अंकिता भंडारी पर दबाव बनाया गया था।
दोषियों को उम्रकैद की सजा मिलने के बाद मामला शांत था लेकिन उर्मिला सनावर द्वारा आडियो वीडियो जारी किये जाने के बाद इस मामले से एक वीआईपी का नाम जुड़ गया जो भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। प्रदर्शनकारी इस मामले की सीबीआई जांच कराकर वीआईपी का नाम सामने लाने की मांग कर रहे हैं। महिला पुरूष, छात्र छात्रायें यहां तक कि बुजुर्ग महिलायें भी अंकिता को न्याय दिलाने के लिये सड़कों पर उतर चुकी हैं। दूसरी ओर पुलिस ने उर्मिला सनावर को गिरफ्तार करने के लिये नॉन बेलेबल वारंट जारी किया है और उसकी तलाश की जा रही है।













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