नोयडा में चौकी इंचार्ज की मनमानी से परेशान हैं लोग
गौतम बुद्ध नगर, संवाददाता (ओपी श्रीवास्तव)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुलिस प्रशासन को लाख ईमानदारी व विधि सम्मत तरीके से काम करने के लिए नसीहत दे। पुलिस बिना मनमानी किए बाज नहीं आ सकती है। नोएडा के गड़ी चौखंडी डूब क्षेत्र थाना फेज तीन नोएडा के रहने वाले एक व्यक्ति धर्मपाल ने पड़ोस में रहने वाले एक बबलू पर आरोप लगाया है कि वह उसकी नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर कर अपने झांसे में एक साल से रखा है एवं दुष्कर्म करता है।
इस बीच पांच लाख रुपए भी उसकी लड़की से हड़प लिया है और वर्तमान समय में उसकी लड़की का अपहरण कर अपने कब्जे में रखा हुआ है। बताया जाता है कि पुलिस चौकी के जांबाज पुलिस कर्मियों ने आरोपी युवक के खिलाफ बिना कोई एफआईआर दर्ज किए ही उसकी विधवा मां सुजाता देवी को गैरकानूनी तरीके से लाकर चौकी में गुरुवार को दिन भर बैठाए रखा और देर शाम तक रिहा नहीं किया। बाद में मामले की जानकारी एक मीडिया कर्मी को हुई तो उसने एस एच ओ एवं ए सी पी से प्रकरण को अवगत कराया। तब जाकर रात में करीब दस बजे निर्दोष महिला को चौकी इंचार्ज ने बड़ी मुश्किल से रिहा किया।
लेकिन मीडिया कर्मी से खार खा गए और दस बजे रात में ही मीडिया कर्मी को पुलिस चौकी में मिलने के लिए बुलाने लगे। लेकिन मीडिया कर्मी नहीं गया। कहा जाता है कि अगले दिन चौकी इंचार्ज ने नाबालिग लड़की और आरोपी को यह कह कर बुलवा लिया कि यदि वह बयान दे देगी तो आरोपी युवक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। अब सवाल उठता है कि बिना एफआईआर दर्ज किए पुलिस आरोपी युवक के मा को दिन भर चौकी में रखती है तथा एफआईआर दर्ज किए बिना ही नाबालिग किशोरी को भी पुलिस चौकी में बैठा लेती है यह झूठा आश्वासन भी पुलिस देती है कि उसके बयान के आधार पर आरोपी को थाने से रिहा कर देगी।
जबकि कानून कहता है इस तरह के मामले में सर्व प्रथम अपहरण दुष्कर्म एवं पाकसो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज किए जाते हैं तदुपरानत आरोपी को जेल भेज दिया जाता है एवं पीड़िता का मेडिकल कराया जाता है तथा न्यायालय में मजिस्ट्रेट के सामने बयान लिया जाता है। उसके बाद आगे जांच की कार्रवाई होती है। चर्चा है कि गढ़ी चौखनडी पुलिस चौकी पर जबसे वर्तमान चौकी इंचार्ज तैनात हुए हैं अपनी मनमानी ख़ूब करते हैं तथा लोगों को डरा धमकाकर पैसे ऐंठते है। सूत्रों के अनुसार इस प्रकरण में भी चौकी इंचार्ज पैसे लेकर मैनेज करने में लगे हुए हैं।
बताते है कि जब कोई इनसे कानून की बात करता है तो उसे जेल भेज देने की धमकी देते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की बात करते हैं। बताते है कि कुछ दिन पहले इसी चौकी इंचार्ज ने एक मामले में अपनी ऐंठन व अकड़ दिखाई थी जिससे मामले में पुलिस की काफी फजीहत हुई थी और पुलिस के उच्चाधिकारी काफी नाराज़ हुए थे। पुलिस सूत्रों का कहना है पुलिस चौकी पर इंचार्ज साहब के व्यवहार से अधिकांश कर्मी बहुत दुखी और निराश हैं। बताया जा रहा है कि इन्होंने मीडिया कर्मी को भी धमकी दी है कि वह अपने काम से काम रखे, पुलिस की कार्यवाही में हस्तक्षेप न करों।











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