प्रतिभा (Talent) सिद्ध करने का अवसर हैं बोर्ड परीक्षायें- विनय शुक्ल
बस्ती, 23 जनवरी। ’उर्मिला एजूकेशनल एकेडमी’ में बसंत पंचमी का पावन पर्व अत्यंत गरिमामयी ढंग से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर मां सरस्वती के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक धीरेंद्र शुक्ल, प्रबंध निदेशक विनय शुक्ल एवं डॉ. राजन शुक्ला ने मां शारदे के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती शशि प्रभा त्रिपाठी एवं प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह सहित समस्त शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया। विद्यार्थियों ने सुमधुर सरस्वती वंदना और भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय कर दिया। प्रबंध निदेशक विनय शुक्ल ने बसंत पंचमी की बधाई दी और विशेषकर बोर्ड परीक्षार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहाः “यह पर्व हमारे भीतर की चेतना को जगाने का उत्सव है। कक्षा 10 और 12 के विद्यार्थी इसे अपनी तपस्या का अंतिम चरण मानें। बोर्ड परीक्षा बाधा नहीं, बल्कि आपकी प्रतिभा को सिद्ध करने का एक स्वर्णिम अवसर है।
प्रधानाचार्या श्रीमती शशि प्रभा त्रिपाठी ने शिक्षा के आध्यात्मिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें मां शारदे से अंक नहीं, बल्कि वह सद्बुद्धि मांगनी चाहिए जिससे हम जीवन की हर चुनौती का सामना कर सकें। प्रधानाचार्य श्री नरेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य चरित्र निर्माण है। उन्होंने आगामी परीक्षाओं के लिए सभी को शुभकामनाएं दीं। पंडित श्री संकर्षण द्विवेदी जी के निर्देशन में प्रबंधकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने आहुतियां दीं।
इस यज्ञ में विशेष रूप से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, उनके सर्वांगीण विकास और आगामी बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट सफलता की कामना की गई। इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक बसन्त गुप्ता, राकेश पाण्डेय, संतोष सिंह, श्रवण चौधरी, अभिनव प्रकाश पाण्डेय, मनोज मिश्रा, राजेश पाण्डेय, संजय प्रजापति, सुधांशु सर, अमन मिश्रा, शैलेन्द्र तिवारी श्यामा, सुजाता, पूनम, अर्चना, नम्रता, ममता, निष्ठा मणि, खुशबू श्रीवस्तव, आंचल सिंह, श्रीमती रंजना यादव, मधु कन्नौजिया, सतनाम कौर, अंजू मिश्रा, एवं मिनाक्षी मिश्रा सहित समस्त अध्यापक, अध्यापिकांए उपस्थित रही।













Post a Comment
0 Comments