उनका कहना है कि सेवानिवृत्त होने के बाद समाज से जुड़े रहने के उद्देश्य से एकेडमी की स्थापना की थी। पुश्तैनी ज़मीन का एक बड़ा हिस्सा एकेडमी के नाम किया और शिक्षा के क्षेत्र मे कुछ बड़ा और विशेष करने के इरादे से बीडीए ग्लोबल एकेडमी की बुनियाद रखी। ये सही है कि कुछ मायनों में जनपद मे इसके मुकाबले कोई दूसरा विद्यालय नही है। लेकिन कुछ बड़ा और विशेष करने के लिये छात्र संख्या बहुत मायने रखती है। अभिभावक अपेक्षित सहयोग करें तो निःसंदेह यह विद्यालय जनपद के टॉप फाइव विद्यालयों में एक होगा। शहर जैसी सुविधा, संसाधन, गुणवत्ता और परिवेश पाने के लिये अभिभावकों को अपना मन भी ड़ा करना होगा।
इंजी. श्यामलाल चौधरी ने कहा हम अपना काम पूरे मनोयोग और इूमानदारी से कर रहे हैं और इतना ही सहयोग अभिभावकों से भी चाहते हैं। परस्पर सहयोग से हम ऐसा वातावरण, संसाधन और परिणाम दे पायेंगे जिसकी परिकल्पना के साथ हमने बीडीए ग्लोबल एकेडमी की बुनियाद रखी है। उन्होने कहा विद्यालय मे नये शैक्षिक सत्र के लिये प्रवेश प्रक्रिया चल रही है, मेधावी छात्र छात्राओं के उत्साहवर्धन के लिये आकर्षक छात्रवृत्ति दी जा रही है। इसके बारे मे विस्तृत जानकारी एकेडमी के कार्यालय से किसी भी कार्यदिवस में ली जा सकती है।
बी.डी. ग्लोबल एकेडमी में नर्सरी कक्षा से 12 वीं तक की कक्षायें सेचालित की जा रही हैं। पात्रता परीक्षा व साक्षात्कार के आधार पर कक्षाओं में प्रवेश लिया जाता है। एकेडमी मे कुशल अध्यापक अध्यापिकाओं की टीम है, छात्र छात्राओं को उनका मार्गदर्शन प्राप्त होता है। सतत मूल्यांकन के जरिये छात्रों के कमजोर विषयों पर अलग से ध्यान देने की व्यवस्था है। डायरेक्टर एसएल चौधरी कहते हैं कि नियमित स्कूल आने वाले बच्चों को अलग से ट्यूशन या कोचिंग नही करना पड़ता। शैक्षिक गुणवत्ता पर स्वयं उनकी नजर रहती है।
एकेडमी मे पर्याप्त हवादार कमरे, आकर्षक बागवानी, विशाल खेल का मैदान, पार्किंग, गेट, पर्याप्त संख्या मे शौचालय, यूरिनल, कम्प्यूटर व साइंस लैब, लायब्रेरी, बच्चों को लाने ले जाने के लिये स्कूल बस, फर्स्ट एड, शुद्ध पेयजल, खेलकूद के उपकरण आदि उपलब्ध है। यहां छात्र छात्राओं के बहुमुखी विकास हेतु शिक्षणेत्तर गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं। निबन्ध व सामान्यज्ञान प्रतियोगिता, रंगोली, मेहदी प्रतियोगिता, स्पोर्ट्स वीक, वार्षिकोत्सव आदि आयोजनों से बच्चों की तार्किक क्षमता व सामाजिक ज्ञान मे वृद्धि के पर्याप्त अवसर उपलब कराये जाते हैं। अभी हाल ही मे स्कूल कैम्पस का विस्तार करते हुये क्रिकेट के लिये 10 बीघा अतिरिक्त जमीन मे शानदार पिच तैयार की गई है जिसमे स्कूल के अलावा बाहरी टीमें भी मैच खेल रही हैं।
विशेष छात्रवृत्ति
बहुत कम निजी स्कूलों मे छात्रवृत्ति की ऐसी व्यवस्था है जो बीडीए ग्लोबल एकेडमी मे दी जा रही है। डायरेक्टर ने जानकारी देते हुये बताया कि हर कक्षा से 5 बच्चों को छात्रवृत्ति दी जाती है। प्रतियोगी परीक्षा मे प्राप्त अंकों के आधार पर इनकी पात्रता तय होती है। ये छात्रवृत्ति वर्ष मे दो बार स्वतंत्रता विवस व गणतंत्र दिवस पर आयोजित समाराहों में दी जाती है। 10 वीं कक्षा मे प्रथम स्थान पाने वाले को 500 रू. प्रतिमाह, दूसरा स्थान पाने वाले को 400 रू. प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जा रही है। ये छात्रवृत्ति 11 वीं व 12 वीं मे अध्ययन के दौरान दी जाती है।
इसी तरह प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण करने पर चौथी कक्षा से 10 वीं तक प्रत्येक कक्षा से 5 बच्चों को पूरे वर्ष कुल मिलाकर 75,000 रूपये छात्रवृत्ति दी जाती है। इस प्रकार चौथी कक्षा से 12 वीं तक 37 छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति के लिये चयनित किया जाता है।
डायरेक्टर की अपील
इंजी. श्यामलाल चौधरी का मानना है कि विद्यालय अपनी ओर से चाहे जितनी अच्छी व्यवस्था दे दे, अभिभावकों के यथोचित सहयोग के बगैर सब निरर्थक है। उनका मानना है कि अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा व जिम्मेदारी से निभा रहे हैं। इसी अनुपात मे अभिभावकों का भी सहयोग प्राप्त हो जाये तो निश्चित रूप से परिणामो मे गुणात्मक वृद्धि होगी। उन्होने क्षेत्री अभिभावकों से अपील करते हुये कहा एक बार बीडी ग्लोबल एकेडमी पर भरोसा कर अपने पाल्यों का प्रवेश करायें। एक छात्र के बहुमुखी विकास के साथ साथ उसे जिस प्रकार का मार्गदर्शन चाहिये वो सब देने का प्रयास किया जा रहा है। संपर्क के लिये मो.न. 73552 38712 पर किसी भी कार्यदिवस मे संपर्क किया जा सकता है।




















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