बेटी की शादी मे छुट्टी न मिलने से आहत शिक्षामित्र ने लगाई फांसी
यूपी डेस्कः 8 मार्च को बेटी की शादी थी। छुट्टी न मिलने के कारण शिक्षामित्र ने शनिवार को विद्यालय के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दिया। घ्रटना फतेहपुर की है। शिक्षामित्र एसआईआर की डियूटी मे भी था। जेब से मिले सुसाइड नोट में ’एसआईआर-2026 जीवनमुक्ति’ का टाइटल लिखा है। एसडीएम और बीईओ के चक्कर लगाने के बाद भी छुट्टी न मिलने की बात लिखी है।
परिजन ने एसडीएम (ईआरओ) पर आरोप लगाकर हंगामा किया। कोतवाली इलाके के अलियाबाद गांव निवासी अखिलेश कुमार सविता (45) प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र थे। एसआईआर में उनकी ड्यूटी लगी थी। वह शनिवार को ड्यूटी पर गए थे। विद्यालय करीब तीन बजे बंद हो गया था। बेटे दिव्यांश से करीब शाम चार बजे फोन पर बात हुई थी। प्रतिदिन बीएलओ शाम करीब शाम पांच बजे तक काम करते थे।
विद्यालय के पास रहने वाला शिक्षा मित्र राजू उनसे मिलने पहुंचा तो दरवाजे अंदर से बंद थे। राजू ने दरवाजा खोला तो उसने अखिलेश को रस्सी के फंदे से पंखे पर लटके देखा। उसने परिजन को सूचना दी। परिजन शव उतारकर सीएचसी ले गए। यहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। सीओ गौरव शर्मा व कोतवाली पुलिस पहुंची। पुलिस और परिजन के बीच करीब एक घंटे तक नोकझोंक होती रही।
पुलिस ने शव वाहन को रोक दिया तो परिजन शव को गोद में उठाकर पैदल ही चल पड़े। इस पर पुलिस ने दूसरी गाड़ी से शव को घर भेजा। फॉरेंसिक टीम की जांच के दौरान बीएलओ की जेब से सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा था कि पुत्री दिव्यांशी की शादी आठ मार्च को है। शादी के सारे काम की जिम्मेदारी उन पर है। एसडीएम और बीईओ के चक्कर लगाने के बाद भी छुट्टी न मिलने पर आहत होकर वह खुदकुशी कर रहे हैं।















Post a Comment
0 Comments