सुरक्षित, सौम्य और समग्र
चिकित्सा पद्धति है होम्योपैथी- डा. शैलेन्द्र त्रिपाठी
बस्ती, 12 अप्रैल। जिला अस्पताल परिसर मे स्थित आयुष विभाग मे होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनिमैन की जयंती ’विश्व होम्योपैथी दिवस’ के रूप में मनाई गई। रिसर्च सोसायटी आफ होम्योपैथी (इण्डिया) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में चिकित्सकों ने हैनिमैन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हे याद किया और उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की। मंडल अध्यक्ष डा. वी.के. वर्मा ने अपने सम्बोधन मे कहा कि जर्मन चिकित्सक हैनिमैन ने 18वीं सदी के अंत में इस पद्धति की खोज की थी। हैनिमैन ने प्रचलित कठोर चिकित्सा पद्धतियों के विरोध में एक ऐसी प्रणाली दी जो बीमारी के मूल कारण का इलाज करती है।
चिकित्सा की यह विधा, सस्ती, सरल व सुगम है जो रोगों का जड़ से निदान करती है। यह सम्पूर्ण मानवता के कल्याण के लिये उचार की सबसे आसान पद्धति है। उन्होने दिवस की शुभकामनायें देते हुये हैनिमेन की विचारधारा को आगे बढ़ाने की अपील की। सोसायटी के जिलाध्यक्ष डा. शैलेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि हैनिमेन ने सुरक्षित, सौम्य और समग्र चिकित्सा पद्धति विकसित की जो आज सबसे लोकप्रिय साबित हो रही है। हम सभी को इस पद्धति को जन जन तक पहुंचाने और इससे उन्हे लाभान्वित कराने का संकल्प लेना चाहिये।
सीएमएस श्रीमती डॉ. मीना पुष्कर दोहरे, डॉ एन के सिंंह, डा. सतीश चौधरी, डा. जुनैद अहमद, डॉ डी के गुप्ता डॉ राजेश डॉ नरेंद्र डॉ हनुमान शुक्ला, डॉ अनिल मिश्रा, डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव, दिव्यांश श्रीवास्तव, विवेक चौधरी, अभय पांडे, विजय बहादुर, भोला प्रसाद, राम प्रकाश, परवेज आलम, श्रीमती नीलम सिंह, शशिकांत पांडे, अरविंद शुक्ला, मनोज कुमार, संदीप वरुण, मनीष राना, विकास चौधरी, प्रेम, राजन, अभिषेक शुक्ला, अनुपम वर्मा, रामरक्षा पाल, मुलायम सिंह, वंदना, मोहनलाल, सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।











Post a Comment
0 Comments