आबकारी का सबसे बड़ा राजस्व देने वाला जिला बना गौतमबुद्ध नगर
गौतमबुद्ध नगर संवाददाता (ओ पी श्रीवास्तव)। जिले के नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के नागरिक शराब पीकर उत्तर प्रदेश सरकार का खजाना भर रहे हैं। पूरे प्रदेश मे यह जिला इस मामले मे अव्वल आया है। इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में चल रहे शराब के कारोबार के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि गौतमबुद्ध नगर जिले में शराब की कुल 501 दुकानें चल रही हैं। इन दुकानों के जरिए गौतमबुद्ध नगर जिला उत्तर प्रदेश सरकार को आबकारी का राजस्व देने वाला नम्बर-1 जिला बन गया है।
आबकारी अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष-2026 - 2027 के लिए नई आबकारी नीति की घोषणा की है। नई आबकारी नीति के तहत नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की शराब की 501 दुकानों में से 485 दुकानों का रिन्यूअल कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आबकारी विभाग ने जिले में राजस्व बढ़ाने के मकसद से जहां शराब की दुकान नहीं थी वहां पर अवैध शराब पर लगाम लगाने के लिए नए ठिकानों की पहचान की है।
प्रशासन ने नई दुकानों के सृजन की प्रक्रिया शुरू की है। जिसमें देशी मदिरा की दुकानें और 2 कंपोजिट मदिरा दुकानें शामिल हैं। प्रथम चरण के बाद, द्वितीय चरण में अवशेष और नई दुकानों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है। कंपोजिट दुकानों के माध्यम से उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर विदेशी मदिरा और बियर की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। जिला आबकारी अधिकारी श्री श्रीवास्तव के अनुसार, इन नई दुकानों और सुव्यवस्थित आवंटन प्रक्रिया से जिले के राजस्व में भारी बढ़ोत्तरी होने वाली है।
उन्होंने कहा कि इन नई दुकानों के माध्यम से जनपद को लगभग 30 से 40 करोड़ रूपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। आबकारी अधिकारी ने आम जनता से अपील की कि देशी या विदेशी शराब सरकारी दुकानों से ही खरीदें और अपने जीवन को सुरक्षित रखें। क्योंकि बाहर से खरीदे गए शराब जानलेवा व जहरीले हो सकतें हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित दर से अधिक पैसा लेता है तो इसकी सूचना आबकारी विभाग या पुलिस को तत्काल दें।












Post a Comment
0 Comments