लापरवाही: Noeda मे आदमियों के हॉस्पिटल मे
हुई जानवरों के सिरिंज की सप्लाई, सिस्टम पर गंभीर सवाल
गौतम बुद्धनगर संवाददाता (ओ पी श्रीवास्तव)। उत्तर प्रदेश का हाईटेक जिला कहे जाने वाले गौतम बुद्ध नगर के जिम्मेदार उच्चाधिकारी आम नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति बेहद लापरवाह है। इसका ताजा तरीन उदाहरण यह है कि यहां पर जिला अस्पताल में इंसान को लगने वाले सूई के स्थान पर जानवरों को लगाईं जाने वाली सिरिंज की आपूर्ति लखनऊ से कर दी गई।
मामले का खुलासा तब हुआ जब जिला अस्पताल में सिरिंज पहुंचा और पैकेट खोलकर स्वास्थ्य कर्मचारियों ने जब सिरिंज की लंबाई और चौड़ाई देखी तो उनके होश उड़ गए। सूत्र बताते हैं कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी एक दूसरे के ऊपर मामला थोप रहे हैं। इस सम्बन्ध में कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर अजय राणा ने कहा कि सम्बंधित कर्मचारी की गलती से पोर्टल पर जानवरों के लिए लगने वाले सिरिंज का आर्डर चला गया था। जिसे अब दुरुस्त कर दिया गया है तथा नए सिरे से इंसानों के लिए लगने वाले सिरिंज की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार 60,000 सीरीज का ऑर्डर सरकारी पोर्टल पर हुआ था। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग में औषधीय और अन्य ज़रूरतें पूरी करने के लिए जेम पोर्टल बनाया हुआ है। इसकी मॉनिटरिंग शासन स्तर से होती है । बताया जाता है कि डेढ़ महीने तक इस मामले की जानकारी किसी को नहीं हो पाई और मामले को स्थानीय जिला अस्पताल के जिम्मेदारो ने छिपाने का भरसक प्रयास किया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि स्वास्थ्य कर्मचारियों ने जेम पोर्टल पर जानवरों की सीरीज ऑर्डर कर दी थी तो बाद में कार्यवाहक सीएमएस के कार्यालय ने इसे कैसे सत्यापित कर दिया था ?
बताते है कि इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के एक उच्च अधिकारी संबंधित दोषी कर्मचारी को बचाने के लिए लीपा पोती में जुट गए है। उल्लेखनीय कि पिछले दिनों लखनऊ की एक एजेंसी ने अस्पताल में सिरिंज की सप्लाई की थी। जब उक्त सीरिंज के पैकेट नोएडा हास्पिटल में आए तो फार्मासिस्ट द्वारा पैकेट खोलते ही उसके होश उड़ गए। पैकेट में इंसानी सूई की जगह जानवरों की सूई थी। मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को कर्मचारियों ने दी। सूत्रों की माने तो लखनऊ की जिस एजेंसी को 25 दिसंबर 2025 की तारीख में जानवरों की सिरिंज का आर्डर दिया गया था वह लापरवाही उजागर होने के डेढ़ महीने बाद जेम पोर्टल पर अब इसे रद्द कर दिया गया है।
हालांकि अधिकारी दबी जुबान से अब इस कम्पनी को ब्लैक लिस्ट करने की भी बात कह रहे है। मगर खानापूर्ति करते हुए नोटिस जारी किया किया गया है। कार्यवाहक सीएमएस ने सफाई देते हुए कहा कि जेम पोर्टल पर लिपिक की त्रुटि के कारण गलत ऑर्डर भेज दिया गया था। स्टोर से ही सामान को बिना रिसीव किए एजेंसी को वापस कर दिया गया है। दूसरी ओर इस मामले में कुछ डॉक्टरों ने अपना नाम प्रकाशित नहीं किए जाने की शर्त पर बताया कि जानवरों की सिरिंज से सामान्य इंसान की सीरिज काफी अलग होती है। जानवरों वाली मोटी, लंबी तथा बड़ी होती है। ऐसे में यदि किसी इन्सानी मरीज को जानवर की सिरिंज से दवाई दे दी जाती तो उसकी ओवरडोज से जान खतरे में पड़ सकती थी।












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