अशोक श्रीवास्तव की समीक्षाः
क्या भरत तिवारी के रास्ते पर चलने से सुधरेगा सिस्टम
बिहार के भरत तिवारी सोशल मीडिया मे करीब करीब भगत सिंह बन चुके हैं। दरअसल भरत तिवारी लोगों की मदद करते थे, समाजसेवा मे उनकी अच्छी खासी रूचि थी। कांरोना जैसी महामोरी के समय भरत तिवारी जरूरतमंदों का मसीहा बनकर उभरे थे। सिस्टम मे फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार मे जनता की आवाज बन चुके भगत सिंह को पुलिस ने एनकाउंटर मे मार गिराया। इसके बाद बिहार का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
बिहार ही नही उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में भी लोग सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक प्रदर्शन कर रहे हैं और भरत को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। मांग है कि भरत के परिजनों को 1 करोड़ की आर्थिक मदद, परिवार मे किसी को सरकारी नौकरी, भरत के नाम से स्मारक बनवाया जाये। इसके साथ ही बिहार की जनता को इस बात की गारण्टी दी जाये कि ऐसे एनकाउंटर की पुनरावृत्ति कभी नही होगी। बुधवार को भरत को श्रद्धांजलि देने, उसकी गतिविधियों को जस्टीफाई करने तथा उसे न्याय दिलाने के लिये बिलौटी गांव मे महापंचायत बुलाई गई।
अपना कामकाज छोड़कर हजारों की संख्या मे लोग पंचायत मे हिस्सा लेने पहुंचे। सभी ने एनकाउंटर को हत्या करार देते हुये दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ फांसी की सजा की मांग की। इसी बीच सम्बन्धित थानेदार और डीएसपी को हटा दिया गया है। बड़ा सवाल ये है कि आज जो लोग भरत को भगत सिंह कह रहे हैं, उसे समाजसेवी बताते हुये उसकी गतिविधियों को जस्टीफाई कर रहे हैं, वे उस वक्त कहां थे जब सिर पर कफन बांधकर भरत तिवारी सिस्टम से लड़ रहा था। आज जितने लोग भरत को न्याय दिलाने के लिये इकट्ठा हुये उसकी आधी संख्या उसका साथ देती तो पूरा सिस्टम हिल जाता।
फिलहाल भरत ही नही हम किसी भी एनकाउंटर को उचित नही ठहरा सकते। पुलिस प्रशिक्षित भी है और साधन सम्पन्न भी। बदमाशों को कमर से नीचे गोली मारकर उसे काबू कर सकती है। इसलिये स्पष्ट कहा जा सकता है कि भरत तिवारी का एनकाउंटर नही हत्या हुई है। भरत जैसे देश मे लाखों हैं जो सिस्टम से नाराज हैं और इसे सुधारना चाहते हैं। इसका मतलब ये नही कि वे हथियार उठाकर खुद ही सिस्टम सुधारने निकल पड़ें और आये दिन कानून को हाथ मे लें। ऐसे लोग कभी युवाओं के रोल मॉडल नही हो सकते। लक्ष्य सही हों, समाज और देश हित मे हों तो इसका मतलब ये नही कि इसे गलत रास्तों पर चलकर हासिल किया जाये।













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