अशोक श्रीवास्तव की समीक्षाः कोरोना वैक्सीन की तरह है एथेनाल
बस्ती, 03 जुलाई। एथेनाल को लेकर पूरे देश मे धमासान मचा है। केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी निशाने पर हैं। आरोप है कि नितिन गडकरी ने पुत्र मोह मे ऐसा फैसला लिया है जो देश की जनता को भारी नुकसान पहुंचायेगा। कहा जा रहा है कि एथेनाल कोरोना वैक्सीन की तरह है जिसे बिना क्लीनिकल ट्रायल के जनता की नसों में उतार दिया दिया गया था।
उसी तरह बगैर ट्रायल के वाहन स्वामियों को भारी चूना लगाने की तैयारी की गई है। एक्सपर्ट का दावा है कि एथेनाल के प्रयोग से गाड़ियों का माइलेज 30 प्रतिशत कम हो जायेगा। इतना ही नही दावा किया जा रहा है कि हवा, पानी और जमीन भी बरबाद हो जायेगी, इसकी गुणवत्ता सबसे निचले स्तर पर पहुंच जायेगी। लोगों को सांस और त्वचा की बीमारी होगी और बदबू के कारण कई किलोमीटर तक हवा मे सांस लेना मुश्किल हो जायेगा। इलाके मे सूखे का संकट झेलना पड़ेगा।
कारखाने से निकलने वाले धुएं से फसलें बरबाद हो जायेंगी, और फसलों की पैदावार कम हो जायेगी। ताल पोखरे भी प्रदूषित होंगे और मवेशियों को भारी नुकसान पहुंचेगा। दावा किया जा रहा है कि कारखाने के आसपास कई किलोमीटर मे जमीनों और मकानों के दाम बहुत कम हो जायेंगे, गन्ने और मक्के का दाम आसमान पर पहुंच जायेगा, लोग पलायन को मजबूर हो जायेंगे। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि इतने सारे नुकसान की भरपाई जनता को करनी पड़ेगी।
लेकिन एक बात तय है कि केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बेटे का फ्यूचर सेट हो जायेगा। हमारे बस्ती जनपद वासियों को भी एथेनाल का वरदान मिल चुका है। पक्ष विपक्ष आमने सामने है। विगत दिनों कलेक्ट्रेट मे मीटिंग के दौरान भाजपा नेताओं के बीच तल्खियों को आप पहले ही देख और सुन चुके हैं। बस्ती वाले नेता जी ने कहा सरकार को एथेनाल से कोई लेनादेना नही है। हरैया वाले नताजी ने तुरन्त जवाब दिया, ‘‘क्यों नही मतलब है भाई।’’ बैठक मे शामिल दो सपा विधायक भी बस्ती वाले नेताजी की तरफदारी करने लगे।
इस बीच एक मजबूत सवाल उभरकर सामने आया है कि एथेनाल के बहुत सारे फायदे हैं तो इस फैक््री को हरैया वाले नेताजी ने अपने विधानसभा मे क्यों नहीं लगवा लिया ? केन्द्रीय मंत्री को एथेनाल को पेट्रोल मे मिलाकर बेंचने से पहले वाहन निर्माताओं से 10 गाडियां लेकर साल भर उनका इस्तेमाल करना चाहिये था, उसके सारे साइड इफेक्ट सामने आ जाते, इसके बाद इसे जनता के बीच ले आते। मंहगाई, बेरोजगारी, अपराध, भ्रष्टाचार और भारी भरकम टैक्स के बोझ से जनता पहले ही कराह रही है ऐसे मे स्वच्छ वातावरण मे जीने का संकट उत्पन्न हो जाये और लाखों रूपये के वाहनों की उम्र बेहद कम हो जाये, यात्रा के खर्चे बढ़ जायें तो एथेनाल जनता के किस काम का है ?








Post a Comment
0 Comments