नोयडा मे बिजली चोरीः 3 जेई समेत 23 पर गिरी गाज
गौतमबुद्ध नगर संवाददाता (ओ पी श्रीवास्तव)। नोएडा के हिंडन नदी के डूब क्षेत्र के आसपास की अवैध कॉलोनियों में करीब एक दशक से बिजली चोरी के साम्राज्य के मामले में विद्युत विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अवर अभियंताओं समेत 23 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। यह मुकदमा जे ई अनूप कुमार की शिकायत पर सेक्टर 63 थाने में पंजीकृत किया गया है।
मुकदमा दर्ज करने वाले जेई लगभग 2 से वर्ष से इस क्षेत्र में तैनात है। 2 वर्ष बाद उन्होंने बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज करने की हिम्मत जुटाई जो अपने आप में संदिग्ध प्रतीत होता है। मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्र में बिजली चोरी के अवैध साम्राज्य का मामला जब प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुंचा तब जाकर यह कानूनी की गई है। कहा जाता है कि एक दशक के भीतर करीब 1600 करोड रुपए की बिजली चोरी स्थानीय बिजली विभाग के सरकारी कर्मचारियों तथा स्थानीय अवैध ठेकेदारों के आपसी साठ गांठ से हुआ।
कहा जाता है कि स्थानीय ठेकेदारों तथा कुछ दबंगों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को अपने साथ मिलाकर क्षेत्र में करीब 20 ट्रांसफार्मर भी लगवा दिये थे। आरोप है कि इसके एवज में बिजली विभाग के भ्रष्ट कर्मचारियों ने 40 लाख रुपया लोगों से वसूला। यह भी आरोप है कि सिंडिकेट ने एक ही नाम पर 200 किलो वाट का एक कनेक्शन लेकर उससे करीब 150 से अधिक घरों में अवैध रूप से बिजली बेच रहे थे। यही नहीं निजी मीटर लगाकर 10 से 15 रुपए प्रति यूनिट की दर से मोटी रकम बिजली विभाग के कर्मचारी और स्थानीय सिंडिकेट ले रहे थे।
सूत्रों के अनुसार करीब 13000 अवैध कनेक्शन का मामला जब मुख्यमंत्री के संज्ञान में आया तब बिजली विभाग के अधिकारियों ने अपनी कुंभकर्णी नींद तोड़ी और लिपा पोती करने के उद्देश्य से मुकदमा दर्ज करने का काम किया है। कहते हैं कि हर महीने डेढ़ से 2 करोड़ तक की रुपए की बिजली चोरी हो रही थी। सूत्रों का कहना है कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक मामला पहुंचा तब जाकर के इस मामले में करवाई की गई है।
अन्यथा पता नहीं आने वाले कितने वर्षों तक बिजली की खुली डकैती बिजली विभाग के जिम्मेदारों तथा स्थानीय रसूखदार ठेकेदारों के सिंडिकेट के द्वारा की जाती। लोगों का कहना है कि पश्चिमी अंचल विद्युत वितरण निगम के द्वारा इस ऐतिहासिक और दुर्दांत तरीके से बिजली चोरी खुलेआम गौतम बुध नगर के ईमानदार जिलाधिकारियो तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों की नाक के नीचे होती रही। सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि बिजली विभाग का बिजनेस टीम इस मामले में क्यों चुप्पी साधे रहा।
सूत्रों का कहना है कि जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है उसमें मनोज उपाध्याय, नूरुल हसन, कैलाश यादव, मुन्नी नूरानी, बब्बन सिंह, हंसमुख, बनी यादव, बिजेंद्र यादव, शिवकुमार, सोनू यादव, राहुल यादव, सूरज कुमार का नाम शामिल है। जबकि तीन जेई के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है जिसमें अवर अभियंता शशि भूषण, राजीव शर्मा, नितिन अरोरा, लाइनमैन आरिफ, घनश्याम, अजीत, मदेवी शर्मा और देवेंद्र कुमार के नाम शामिल है। आरोप है कि अनेक दोषियों को इस मामले में बचा लिया गया है जबकि उनकी भूमिका बिजली चोरी में महत्वपूर्ण है।
अहम् सवाल यह भी है कि एक दशक तक लगातार बिजली की चोरी होती रही और जिम्मेदार अधिकारी इस हाई टेक नोएडा जैसे सिटी में आंख मुद कर बैठे रहे। एक अनुमान के अनुसार करीब 1600 करोड रुपए का चूना बिजली विभाग को लगा है। बताया जाता है कि इतनी बड़ी रकम का बंदर बाट बिजली विभाग के कर्मचारी व स्थानीय दबंग टाइप के ठेकेदारों की बीच हुई है। बताया जाता है कि जिन घरों में बिजली जलाई जाती थी उनसे 10 रुपए से लेकर ₹12 प्रति यूनिट तक पैसे वसूले जाते थे। लोगों की मांग है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री इस मामले की सी बी आई या एस आई टी की टीम से कराएं तथा बिजली चोरी के रकम की वसूली जिम्मेदारों से करवाएं।





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