जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी युवती के पिता का
सिर फोड़ने वाला इन्फ्लूएंसर स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार
सीजेपी के प्रदर्शन के बाद हरकत मे आई पुलिस
वीडियो जारी कर बताया था खुद को बड़े नेताओं का भाई
दिल्ली, एनसीआर, संवाददाता (ओपी श्रीवास्तव) सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ जिसको लेकर बवाल मच गया। दिल्ली से बुलंदशहर तक पुलिस एक्शन मोड मे आई। दिल्ली के संसद मार्ग थाने पर सैकड़ों की संख्या मे सीजेपी द्वारा शुरू किये गये प्रोटेस्ट, राहुल गांधी, चिराग पासवान और चन्द्रशेखर आजाद सहित विपक्षी नेताओं के दबाव मे पुलिस घुटनो पर आई और बुलंदशहर से स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया।
आपको बता दें सोशल मीडिया मे वायरल वीडियो मे स्वतंत्र भारद्वाज यह दावा कर रहा है कि उसने 23 जून को सीजेपी के एक प्रदर्शनकारी के पिता के साथ बेरहमी से मारपीट की थी, उसे 60 टांके लगे थे और उसकी हालत इतनी गंभीर थी कि वह मौत के करीब पहुंच गया था। वह यह भी कहता है कि उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया जाना चाहिए था। लेकिन ’मैं अगले दिन ही पुलिस हिरासत से बाहर आ गया। मुझे जेल भी नहीं जाना पड़ा। मैंने पुलिस को यह कहते सुना कि कपिल मिश्रा का फोन आया था। वह मेरे बड़े भाई जैसे हैं।’
जंतर-मंतर पर 23 जून को कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध-प्रदर्शन में घायल हुए गाजियाबाद के 38 वर्षीय संजय कुमार की बेटी निशु आजाद ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो मे वह कह रही हैं कि अब दिल्ली पुलिस से उसकी आशा और उम्मीद टूटने लगी है। आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह साफ कह रहा कि उस पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज होना चाहिए था। उसे दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को हंगामे के बाद हिरासत में लिया है।
निशु ने कहा कि जब मेरे पापा का सिर फोड़ा था। तब उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन डेढ़ महीने बाद भी पुलिस कुछ नहीं कर रही है। निशु ने अपना वीडियो राहुल गांधी को भी टैग किया है। उनका कहना है कि अब पुलिस से उम्मीद नहीं है। आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को कानून का डर नहीं है। अब मुझे बस राहुल गांधी से उम्मीद है। वहीं सीजेपी बगैर समय गंवाये इस मुद्दे को लेकर संसद मार्ग थाने पहुंची और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। इस दौरान जंतर मंतर पर सीजेपी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन भी किया।
वहीं इस पूरे मामले मे स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा- ’सेल्फ डिफेंस नहीं करता तो मॉब लिंचिंग हो जाती’। फिलहाल पुलिस उसके साथ क्या कार्यवाही करती है यह बाद मे पता चलेगा। लेकिन एक गुण्डे ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर जिस तरह से सनसनी फैलाई है इससे यह लगता है कि कानून मुट्ठी भर लोगों के लिये है। बाकी लोगों ने कानून को मुट्ठी मे कर रखा है। हैरानी है हम ऐसे कालखण्ड मे जी रहे हैं जहां एक गुण्डा जानलेवा हमला कर, सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेता है। बड़े बड़े नेताओं को अपना बड़ा भाई बताकर उसके द्वारा संरक्षण दिये जाने का प्रमाण देता है उसे पुलिस धरना प्रदर्शन के बाद गिरफ्तार करती है। भारतीय लोकतंत्र की इससे ज्यादा भयावह और शर्मनाक तस्पीर क्या होगी।















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