फर्जी मुकदमा दर्ज कर अपराधी बना रही है कोतवाली पुलिस,
पीड़ित फौजी ने एसपी से मांगा इंसाफ
बस्ती, 24 अक्टूबर। कोतवाली पुलिस धड़ल्ले से फर्जी मुकदमे दर्ज कर रही है। बस तहरीर चाहिये, आरोप किस स्तर का है, किसके विरूद्ध है, कोई मायने नही रखता। बस उनकी रूचि जागनी चाहिये। यहां तक कि आरोपी को कोतवाली बुलाने और फोन पर बात करके उसका पक्ष जानने की भी कोशिश नही की जाती, सीधे एफआईआर दर्ज की जाती है। इसी तरह पुलिसिंग होती रही तो 50 फीसदी लोग थाना पुलिस और कचहरी का चक्कर लगाते मिलेंगे। ताजा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के मड़वानगर मोहल्ले का है। यहां के रहने वाले भूतपूर्व सैनिक वीरेन्द्र पाल का भाई से कुछ सम्पत्ति का विवाद चल रहा है। 20 अक्टूबर को उनके यहां मुंडन का कार्यक्रम था। रिश्तेदार जुटे थे, सबका भोजन वहीं पर था।
उसी दिन भाई रणजीत पाल ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि खीरीघाट से रोडवेज जाते समय वीरेन्द्र पाल ने काली मंदिर के पास रात 8.30 बजे दस पर हमला कर दिया। अकेला पाकर मारा पीटा और जान से मारने की धमकी दी। आरोप लगाया कि वीरेन्द्र के पास लाइसेंसी रिवाल्वर है जिससे जान से माने की धमकी देता है। ये तहरीर पाते ही कोतवाली पुलिस ने आनन फानन मे फौजी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
एक बार भी आरोपी को या दोनो पक्षों को थाने पर बुलाकर सच्चाई जानने की कोशिश नही की गई और मुकदमा दर्ज कर लिया गया। आरोपों के संदर्भ मे वीरेन्द्र पाल का कहना है कि जिस समय हमला करने और मारने पीटने का आरोप लगाया गया है उस समय वह घर पर मौजूद था, मेहमान थे और खाना पीना चल रहा था। सीसीटीवी इसका साक्ष्य है। मुख्यमंत्री और एसपी को पत्र लिखकर वीरेन्द्र पाल ने न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि फर्जी एफआईआर पर रोक लगनी चाहिये वरना एक बड़ी आबादी पुलिस रिकार्ड मे अपराधी बन जायेगी।
फर्जी मुकदमा दर्ज कर अपराधी बना रही है कोतवाली पुलिस, पीड़ित फौजी ने एसपी से मांगा इंसाफ
October 24, 2026
0
Tags






Post a Comment
0 Comments