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नोयडा में धड़ल्ले से हो रही बिजली चोरी, अफसरों की जेब में जा रहा पैसा

नोयडा में धड़ल्ले से हो रही बिजली चोरी, अफसरों की जेब में जा रहा पैसा
राज्य संवाददाता, दिल्ली एनसीआर (ओ पी श्रीवास्तव)। प्रदेश के मुखिया आदित्यनाथ निस्संदेह ईमानदार एवं कर्मठ व्यक्ति हैं। लेकिन उनकी ईमानदारी और कर्मठता पर प्रदेश के सरकारी कर्मचारी और अधिकारी आएं दिन प्रश्न चिन्ह लगा देते हैं जिससे उनको कहीं ना कहीं आम जनता की नाराज़गी झेलनी और सुनने पड़ती है। इस समय एक मामला पिछले कई सालों से नोएडा में यक्ष प्रश्न बना हुआ है। 



मामला है बिजली विभाग से संबंधित है। नोएडा के सेक्टर 65 व 63 में बहलोलपुर तथा सेक्टर 121 में आने वाले गढ़ी चौखनडी आदि गांवों में बिजली विभाग का भ्रष्टाचार का खेल चरम पर है। इन इलाकों में तकरीबन दो से चार हजार रिहायशी मकान है तथा कुछ फैक्ट्री आदि भी है। जिसमें बिजली का धड़ल्ले से खुलेआम प्रयोग किया जाता है। कुछ लोगों के पास बिजली का वैधानिक कनेक्शन है, लेकिन करीब नब्बे फीसदी के पास बिजली विभाग का वैधानिक कनेक्शन नहीं है। आरोप है कि ये लोग विभागीय मिली भगत से घरेलू व वाणिज्यिक उर्जा की बड़े पैमाने पर खपत करते हैं और बदले में स्थानीय बिजली विभाग के कर्मचारियों को मोटी रकम बतौर रिश्वत देते हैं। 


कमोवेश इस विशाल पैमाने पर हो रहे विद्युत चोरी की जानकारी लगभग सभी अधिकारियों जे ई, एस डी  ओ, एक्स इन, एस ई‌ व चीफ़ को है लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है। परिणाम स्वरूप उत्तर प्रदेश सरकार को प्रतिमाह कम से कम बीस से पचास लाख रुपए की आर्थिक क्षति होती है। पुछने पर इन अधिकारियों का जबाब होता है क्या क्या करें, लखनऊ में बैठी सरकार को कुछ करना चाहिए। उक्त सम्बन्ध में एकं राजनीतिक दल से जुड़े नेता आदेश यादव ने कहा कि बिजली विभाग से यहां के निवासी नियमानुसार कनेक्शन लेने हेतु इच्छुक हैं, और बार बार आवेदन किया है लेकिन विभाग के चोर और दबंग अधिकारी कनेक्शन नहीं देते हैं। 


इनका तर्क होता है कि इस समय डूब क्षेत्र में विद्युत कनेक्शन देने के लिए शासन ने रोक लगा रखा है। हालांकि कई लोगों को विभाग ने कनेक्शन दे रखा है। जबकि निवासियों का यह भी कहना है कि सरकार ने डूब क्षेत्र में जमीन की रजिस्ट्री बहाल कर दिया है तो कनेक्शन क्यों नहीं दें सकते हैं ?लोग मजबूर होकर कटिया फंसा कर बिजली का प्रयोग करते हैं और प्रति मकान पांच सौ रूपए से लेकर पांच हजार रुपए तक की भारी रिश्वत प्रतिमाह देते हैं। 


श्री यादव ने आरोप लगाया कि करीब एक सप्ताह पूर्व उन्होंने बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर तथा अधिशासी अभियंता को कई दर्जन लोगों के हस्ताक्षर युक्त शिकायती प्रार्थना पत्र देकर कर वैधानिक तरीके से बिजली कनेक्शन लगाए जाने का अनुरोध किया है और अवैध तरीके बिजली की चोरी किये जाने की घटना की जांच कर विभाग के कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई हेतु निवेदन किया है। लेकिन विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है जिससे प्रदेश सरकार को प्रतिमाह लाखों रुपए की क्षति हो रही है। श्री यादव ने कहा कि उन्होंने बिजली की चोरी करने वाले तथा कराने वाले बिजली विभाग के कर्मचारियों का वीडियो भी बनाकर दिया है लेकिन विभाग ने रहस्यमय तरीके से चुप्पी साध रखी है। इस संबंध में एस ई विवेक पटेल ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है।

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