रिश्वतखोरी के आरोप में बीएसए गोण्डा निलंबित, विभागीय जांच शुरू
Gonda BSA suspended for bribery, departmental inquiry begins
लखनऊ, उ.प्र.। गोंडा बीएसए अतुल कुमार तिवारी को फर्नीचर आपूर्ति में रिश्वत मांगना भारी पड़ गया। मामले को सज्ञान लेते हुये शासन ने उन्हे निलंबित कर दिया है। उन पर 2.25 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने और 30 लाख रुपये एडवांस लेने का आरोप है। बीएसए को मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक, लखनऊ मंडल से संबद्ध किया गया है।
मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए गये हैं। गोंडा जिले में स्कूलों के लिए क्लासरूम डेस्क और सीट खरीदने का टेंडर निकाला गया था। इस टेंडर में हरियाणा की कंपनी नीमन सीटिंग सॉल्यूशन प्रा. लि. सबसे कम बोली वाली कंपनी थी। कंपनी के एमडी मनोज पांडेय ने आरोप लगाया कि बीएसए अतुल तिवारी और उनके दो सहयोगियों, जिला समन्वयक प्रेमशंकर मिश्र और विद्याभूषण मिश्र ने उनसे 15 प्रतिशत कमीशन करीब 2.25 करोड़ रुपये की मांग की।
मनोज पांडेय के मुताबिक, 4 जनवरी 2025 को बीएसए के आवास पर बुलाकर उन्होंने 22 लाख रुपये बीएसए को, और 4-4 लाख रुपये दोनों समन्वयकों को दिए। लेकिन जब उन्होंने बाकी रकम देने से इनकार किया, तो उनका 50.38 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट रद्द कर दिया गया और कंपनी को दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। इस पर मनोज पांडेय ने कोर्ट में शिकायत की, जिसके आदेश पर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। आयुक्त देवीपाटन मंडल और डीएम गोंडा की रिपोर्ट में पाया गया कि बीएसए ने टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की है। अतुल तिवारी पिछले कुछ महीनों से लगातार विवादों में रहे हैं। उन पर घूसखोरी और फर्जी नियुक्तियों से जुड़े दो केस पहले ही दर्ज हो चुके हैं। निलंबन की खबर आने के बाद शिक्षा विभाग में सन्नाटा पसरा है।











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