बस्ती पुलिस को मिली सफलता, मृत दरोगा की
बाइक अयोध्या से बस्ती लाने वाला अभियुक्त चोरी की
अन्य मोटरसाइकिलों के साथ गिरफ्तार
Dead inspector's bike
बस्ती, 19 फरवरी। छावनी पुलिस, एसओजी, स्वाट व सर्विलांस टीमों की संयुक्त कार्यवाही में सरयू नदी पुल से मृतक दरोगा की बाइक चोरी करने वाले शातिर चोर को गिरफ्तार कर उसके द्वारा चोरी की गई 03 अन्य मोटरसाइकिलों को बरामद किया है। 01 नवम्बर 2025 को रामजानकी तिराहा के पास से चोरी मोटरसाइकिल के सम्बन्ध में छावनी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
वांछित चोर की गिरफ्तारी हेतु रामजानकी तिराहे पर गस्त के दौरान मुखबिरी की सूचना के आधार पर की गई संयुक्त कार्यवाही में लालगंज थाना क्षेत्र के पाकरडाड़ निवासी विशाल सोनी पुत्र प्रदीप सोनी को रामजानकी रोड से सटे अमोढ़ा गांव से गिरफ्तार किया। पूछताछ में अभियुक्त ने परसरामपुर पर तैनात मृतक दरोगा अजय कुमार गौड़ की बाइक को सरयू नदी पुल से चोरी करने की बात भी स्वीकार किया। अभियुक्त की निशानदेही पर लालगंज थानार्न्तगत स्थित गौरीगांव के पास चन्दन तिवारी के कैथोरा के सफेदा की बगिया में छिपाकर रखी दो अदद मोटर साइकिल बरामद की गई।
बरामदगी का विवरण
अभियुक्त की निशानदेही पर स्पेलण्डर प्लस मोटर साइकिल यूपी 51 बी.एच. 2048, काले रंग की एचएफ डिलक्स यूपी 58 ए.सी. 2663, एक काले रंग की स्पेलण्डर वाहन यूपी 55 ए.एल. 9913 बरामद की गई। एक अदद पल्सर मोटर साइकिल काला रंग यूपी 52 बी.जे. 7936( पूर्व में अमहट घाट से बरामद दरोगा स्व0 अजय गौड़ की मोटर साइकिल) व 1010 रुपये की भी बरामदगी की गई है। अभियुक्त कें खिलाफ कलवारी, छावनी, पुरानी बस्ती, कोतवाली में कई मुकदमे दर्ज हैं।
अभियुक्त की सुनिये
पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि अयोध्या मे सरयू नदी के किनारे पुल के नीचे सो रहा था, बाद में नदी के किनारे पैसा बीनते हुए जा रहा था कि पुल पर ही काले रंग की पल्सर गाड़ी खड़ी थी। उस गाड़ी में चाभी लगी थी तथा ऊपर हेलमेट भी रखा था। कुछ समय तक वहां कोई नहीं आया तो मोटर साइकिल स्टॉर्ट कर हेलमेट लगाकर लखनऊ की तरफ बढ़ा तथा अयोध्या पुल जहाँ खत्म हो रहा था उसी पुल के बगल में कट से गोरखपुर वाली सड़क पर आ गया तथा उस पल्सर मोटर साइकिल को वहां से लेकर अपने घर लालगंज की तरफ चल दिया।
बस्ती शहर में पहुँचा तो मुझे शौच लग गयी थी, मैं गाड़ी को अमहट घाट के नीचे नदी के पास खड़ा करके शौच करने चला गया। वापस मोटर साइकिल के पास आया और मोटर साइकिल की डिग्गी खोला तो उसमें 01 पैंट तथा 02 मोबाइल फोन रखा मिला। मैंने एक मोबाइल को खोला, उस पर 112 का कोई मैसेज आया तथा फोन में पुलिस व दरोगा का फोटो दिखा था। जिसको मैंने तुरन्त स्वीच ऑफ कर दिया तथा दूसरा वीवो का मोबाइल खोला तो उसमें भी पुलिस का फोटो दिखा तो मैं तुरन्त उस मोबाइल को भी बन्द कर दिया।
उसी समय 02 पुलिस वाले मेरे नजदीक आते हुए दिखाई दिये। उनको अपने पास आता देखकर मैं हेलमेट को कुछ दूर पर फेंकते हुए मोटर साइकिल छोड़कर दोनों मोबाइल लेकर रेलवे स्टेशन बस्ती पहुँचा। वहाँ से ट्रेन पकड़कर गोरखपुर चला गया। फिर अगले दिन गोरखपुर से अपने घर चला आया तथा घर से 06 फरवरी की शाम को हरिहरपुर पहुँचा। 01 मोबाइल हरिहरपुर व 01 मोबाइल अलीनगर में बेच दिया तथा दोनों सिम को वहीं पर फेंक दिया। आज इस मोटर साइकिल को बेचने की फिराक में यहाँ आया था, लेकिन पुलिस ने पकड़ लिया।

















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