अनामिका पाण्डेय के उपन्यास ‘कुछ अधूरी मुलाकातें’ का लोकार्पण
बस्ती, 23 फरवरी। प्रेस क्लब सभागार में प्रगतिशील लेखक संघ बस्ती इकाई द्वारा साहित्यकार, कवयित्री अनामिका पाण्डेय के उपन्यास ‘कुछ अधूरी मुलाकातें’ का लोकार्पण एवं सम्मान हुआ जिसमें उन्हें अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रगतिशील लेखक संघ के प्रान्तीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रो० रघुवंश मणि तथा संचालन प्रलेस बस्ती इकाई के महासचिव डॉ0 अजीत श्रीवास्तव ‘राज’ ने किया।
मुख्य अतिथि डॉ परमात्मा नाथ द्विवेदी और मुख्य वक्ता के रूप में डॉ0 मुकेश कुमार मिश्र ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का आयोजन प्रलेस इकाई बस्ती के अध्यक्ष विनोद कुमार उपाध्याय द्वारा किया गया। अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर रघुवंश मणि ने कहा कि यह उपन्यास अपने आप में अलग तरह का उपन्यास है यह एक थ्रिलर उपन्यास है। यह उपन्यास छंद मुक्त रचनाओं के पुस्तक जैसी लगती है इसके पात्र बहुत ही रहस्यमय तरीके से उपस्थित होते हैं इसमें डायरी लाइब्रेरी सभी ही रहस्य से भरे हुए हैं इसी वजह से सभी पात्र शक के घेरे में आते हैं।
मुख्य वक्ता डॉ मुकेश मिश्रा ने कहा कि इस उपन्यास में प्रेम संबंधों को कई तरीकों से देखा जा सकता है यह उपन्यास टेलीफिल्म की तरह चलती है। मुख्य अतिथि डॉ परमात्मा नाथ द्विवेदी ने कहां कि यह उपन्यास एक तरह का अलग उपन्यास है उन्होंने अनामिका पांडे को एक अच्छी लेखिका बताया। डॉ वी० के० वर्मा ने अनामिका जी को उनकी पुस्तक के लिए बधाई देते हुए कहा की पुस्तक का आना रचनाकार के लिए पुनर्जन्म जैसा होता है। विनोद कुमार उपाध्याय ने सभी का स्वागत करते हुए कहां की अनामिका पांडे एक उत्कृष्ट लेखिका हैं इनकी लेखनी से बहुत उम्मीदें हैं।
अंत में कार्यक्रम के सूत्रधार हरीश पाल जी ने सभी आगंतुकों को धन्यवाद देते हुए अनामिका जी की प्रशंसा करते हुए आशीर्वाद दिया और कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। अन्य वक्ताओं में डॉ दशरथ प्रसाद यादव, नीरजा जी, शैलजा सतीश, प्रकाश चन्द्र गुप्ता आदि ने अपने वक्तव्य दिए। कार्यक्रम में दीपक सिंह प्रेमी, सागर गोरखपुरी, अर्चना श्रीवास्तव ,अफजल हुसैन अफजल, शिवा त्रिपाठी, सुशील सिंह पथिक ,लवकुश सिंह ,संतोष कुमार, लालू प्रसाद यादव आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ अजीत श्रीवास्तव ‘राज’ ने किया।

















Post a Comment
0 Comments