LPG संकट की वजह कालाबाजारी तो नहीं,
डीएसओ की निष्क्रियता पर उठे सवाल
बस्ती, 01 अप्रैल। जनपद मे घरेलू गैस का संकट कम होने का नाम नही ले रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी का सामना उनको करना पड़ रहा है जिनके घर मे सिलेंडर ढोने वाले लोग नही हैं। शहर की दो एजेंसियों (रत्नाकर गैस एजेंसी एवं कनकबिहार गैस एजेंसी) पर शिकायतों की भरमार है। अधिकारी कहते हैं गैस की पर्याप्त आपूर्ति हो रही है, यह सच है तो गैस कहां जा रही है।
कहीं ऐसा तो नही दिन के उजाले मे उपभोक्ता एजेंसियों पर लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रहा है और रात के अंधेरे मे कारोबारी मालामाल हो रहे हैं। बुकिंग के 20 दिन बाद तक सिलेंडर नही मिल रहा है। कनकबिहारी गैस एजेंसी से डोर डिलिवरी एकदम बंद कर दी गई हैं। बिना डिलिवरी हुये एलपीजी डिलिवर्ड का मैसेज मोबाइलों पर आ रहा है। एलपीजी किल्लत को लेकर कलेक्ट्रेट मे हेल्प डेस्क बनाया गया था उसका भी प्रभाव नही के बराबर है। पत्रकारों को भी सिलेंडर प्राप्त करने मे मशक्कत करनी पड़ रही है।
कुछ तो है जिसे अधिकारी जानकर भी नही बताना चाहते। एजेंसियां मनमानी पर उतारू हैं और अफसर हाथ पर हाथ धे बैठे हैं। स्थितियां सामान्य नही हैं। अधिकारियों को चाहिये कि जनता को वास्तविक स्थिति से अवगत कराये और एजेंसियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुये कथित काले कारोबार पर रोक लगायें। पूरे प्रकरण मे जिला पूर्ति अधिकारी से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होने फोन उठाना या काल बैक करना उचित नहीं समझा।












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