जंतर मंतर का आन्दोलन खत्म हो गया,
या फिर इससे भी बड़े आन्दोलन की है तैयारी
अशोक श्रीवास्तव की संपादकीयः प्री प्लान्ड तरीके से सोमवार सुबह कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले हजारों लोगों ने संसद कूच कर दिया। बड़ी संख्या मे फोर्स की तैनाती के बावजूद प्रदर्शनकारियों का जोश देखने लायक था। जंतर मंतर से पैदल दूरी डेढ़ से दो किमी. है। पैदल जाने मे 20 से 25 मिनट का वक्त लगता है। इतनी दूरी दौड़कर पूरी की जा सकती है। ऐसे मे युवाओं ने दौड़ लगाना शुरू कर दिया और बैरिकेड्स गिराते हुये संसद भवन के निकट पहुंच गये। पुलिस ने उन्हे रोकने के लिये लाठी चार्ज किया। दर्जनों प्रदर्शनकारियों के हाथ पैर सिर मे चोटें आईं।
कइयों के सिर फूट गये। इस दौरान सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि के बाल खींचे गए। 40 से 50 लोगों के सिर फूटने का दावा करते हुये ाजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट में दास ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने गीतांजलि के बाल खींचे और उनके साथ मारपीट की। एक 12 साल की बच्ची का सिर फूट गया। 40-50 और लोगों के सिर भी फूटे हैं। सौरव दास के इस पोस्ट को दिल्ली पुलिस ने पोस्ट करते हुए अपना जवाब दिया है।
दावा किया गया है कि पोस्ट में गलत जानकारी फैलाई जा रही है। पोस्ट में किए जा रहे दावे सच नहीं हैं। कृपया गलत या गुमराह करने वाली जानकारी न फैलाएं और न ही उसे आगे बढ़ाएं। तस्वीरों में आप स्वयं देख सकते हैं कि दिल्ली पुलिस के दावों मे कितनी सच्चाई है। दूसरी ओर जेपी नड्डा के साथ सीजेपी प्रवक्ताओं की मुलाकात के बाद फिलहाल सोनम वांगचुक और अभिजीत दिपके ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है।
लेकिन कई सवाल अब तक अधूरे हैं। सबसे बड़ा सवाल तो यह उठ रहा है कि सरकार की तरफ से अब तक कॉकरोच जनता पार्टी को कोई आश्वासन नहीं मिला है तो ऐसे में क्या जंतर-मंतर पर सीजेपी का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा या फिर इसे खत्म कर दिया जाएगा। दूसरा सवाल यह उठ रहा है कि दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया है और प्रदर्शन स्थल को खाली करा लिया है।
ऐसे में अब क्या सीजेपी के कार्यकर्ता दोबारा जंतर-मंतर पर धरना देने की कोशिश करेंगे या फिर वे आगे के विरोध के लिए दूसरी जगह का चुनाव करेंगे। तीसरा और सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं और सरकार कॉकरोच जनता पार्टी की मांगों को दरकिनार कर देती है तो सीजेपी की आगे की रणनीति क्या रहने वाली है। क्या संसद मार्च के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ऐसा या इससे भी बड़ा कोई और प्रदर्शन करने की योजना बनाएगी। देश की जनता इन सवालों के जवाब जानना चाहती है। फिलहाल जवाब के लिये वक्त का इंतजार करना होगा।










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